NEWSWING
Ranchi, 14 October : जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र के चंदाघासी की रहने वाली अनिता देवी अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए लगभग एक सप्ताह से जगत्राथपुर थाना का चक्कर लगा रही थी. मगर शिकायत दर्ज करने के बदले विवाहिता को लौटा दिया जा रहा था. राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण के झारखंड प्रभारी सुजीत उपाध्याय के प्रयास से थाना में शनिवार को शिकायत दर्ज की गयी. विवाहिता ने अपने पति सहित चार लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराया है. अनिता देवी ने अपने पति अजय ठाकुर, ससुर जलेश्वर ठाकुर, सास सावित्री देवी और गोतनी काजल देवी को नामजद अभियुक्त बनाया है.
क्या है मामला
अनिता देवी ने बताया कि उसकी शादी दस वर्ष पूर्व 2007 में अजय ठाकुर से हुई थी. अजय ठाकुर जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र के चंदाघासी स्थित बड़काटोली के निवासी हैं. पीड़ित विवाहिता ने आरोप लगाया है कि शादी के बाद से ही उसे ससुराल वाले दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे. अनिता ने बताया कि धीरे-धीरे ससुराल वोलों का जुल्म बढ़ता चला गया और मारपीट भी शुरू हो गयी. पीछले सप्ताह अनिता के ससुराल वालों ने उसकी जमकर पीटाई कर दी. विवाहिता ने ससुरालवालों पर आरोप लगाते हुए कहा कि ससुरालवालों ने इतना पीटा कि उसे रिम्स में भर्ती होना पड़ा. वहीं घटना की शिकायत करने जब जगन्नाथपुर थाना पहुंची तो वहां से पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया और विवाहिता को भगा दिया. घटना की जानकारी राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण के झारखंड प्रभारी सुजीत उपाध्याय को दी गयी. सुजीत के प्रयास से थाना में शनिवार को शिकायत दर्ज किया गया. घटना को बीते हुए
क्या कहती है जगन्नाथ पुलिस
मामले के बारे में जगन्नाथ थाना प्रभारी ने बताया कि विवाहिता जख्मी होने के बाद रिम्स में इलाज के लिए चली गयी थी. ऐसी घटनाओं से पीड़ित कोई व्यक्ति रिम्स में इलाज करवाने जाता है तो उसकी जानकारी वहां स्थित पुलिस विभाग में की जाती है. रिम्स की पुलिस वहां से जो रिपोर्ट बना कर देती है उसी आधार पर थाना में शिकायत दर्ज की जाती है. थाना प्रभारी ने बताया कि संगीता थाना में शिकायत दर्ज करवाने तो आयी थी पर अपने साथ वो रिपोर्ट नहीं लायी थी. जिस वजह से उसकी शिकायत दर्ज नहीं की जा सकी थी. हमने उन्हें रिपोर्ट लेकर दोबारा बुलाया था.




