
Surat : गुजरात से एक बच्चे के जैन भिक्षु बनने की खबर आयी है. छोटी सी उम्र में कोई बच्चा सांसारिक सुखों को छोड़कर संत बनना पसंद करे, तो यह अजुबा लगेगा. लेकिन यह सच गुजरात के सूरत जिले से आया है. सूरत के एक हीरा कारोबारी दीपेश शाह के बेटे भव्य शाह ने जैन भिक्षु बनने की ठान ली है. वह सातवीं कक्षा में पढ़ता है. इससे पहले महाराष्ट्र के 24 वर्ष के युवा सीए मोक्षेष शाह के अपने पिता का 100 करोड़ का बिजनेस छोड़कर जैन भिक्षु बनने की खबर आयी थी. मोक्षेष 19 अप्रैल को दीक्षा ग्रहण करेंगे. अहमदाबाद के नजदीक अमियापुर में स्थित तपोबल संस्कारपीठ में मोक्षेष को रत्न मुनिराज जिनप्रेमविजय जी महाराज दीक्षा प्रदान करेंगे. हम भव्य की बात करें तो नियमानुसार आखिरी बार अपने परिवार से मुलाकात कर ली है. परिवार वाले अपने लाडले को जीभर कर देखना चाहते थे. इसलिए प्यारे बेटे की मुहूर्त यात्रा शानदार तरीके से फरारी में निकाली गयी. फरारी कार भव्य के पिता के दोस्त जयेश देसाई ने भेजी थी. जिससे वह आखिरी बार अपनी इच्छा पूरी कर सके. बताया गया कि भव्य को गाड़ियों और परफ्यूम का शौक था.
हीरा कारोबारी का बेटा अब सादा जीयेगा, पैदल चलेगा
अब दीक्षा लेने के बाद उसे सादा जीवन जीना पड़ेगा और पैदल चलना होगा. भव्य की शोभा यात्रा बड़ी ही धूमधाम के साथ निकाली गयी. उनके पिता दीपेश का कहना है कि भव्य पिछले डेढ़ साल से उनके गुरुजी के पास रह रहा था और उसे मालूम है कि जिस रास्ते पर वह चलने वाला है उसमें काफी कठिनाईयां है. बता दें कि दीपेश के दो बेटे और एक बेटी है. चार साल पहले 12 साल की उम्र में ही भव्य की बड़ी बहन प्रियांशी ने दीक्षा ग्रहण की थी. अब उसी उम्र में भाई भी संत बन रहा है. भव्य का दीक्षा कार्यक्रम 12 अप्रैल को पूरा होगा.
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