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पीएनबी का सात हजार करोड़ बकाया, नीरव मोदी को ऋण वसूली अधिकरण का नोटिस

 NewDelhi : 7,000 करोड़ रुपये से अधिक की बकाया राशि की वसूली के लिए भगोड़े हीरा व्यापारी नीरव मोदी को ऋण वसूली अधिकरण (डीआरटी) ने नोटिस भेजा हैं. खबरों के अनुसार डीआरटी ने मोदी के परिवार के सदस्यों, उसकी कंपनियों को भी नोटिस दिया है. नोटिस सोमवार को जारी हुआ है. जानकारी के अनुसार पंजाब नेशनल बैंक यानी पीएनबी ने अपने 7,029 करोड़ रुपये वसूलने के लिए जुलाई में डीआरटी से आग्रह किया था.  इसके आलेाक में डीआरटी-1 रजिस्ट्रार, ए मुरली ने वसूली का यह नोटिस भेजा.  नोटिस के अनुसार आरोपी-प्रतिवादी नीरव मोदी और अन्य को संबंधित संपत्तियों से संबंधित किसी भी तरह का लेनदेन करने, इन्हें स्थानांतरित करने से रोक दिया गया है.  नोटिस का जवाब  15 जनवरी, 2019 तक देना है. जवाब देने में विफल रहने पर पीएनबी की याचिका पर एकतरफा फैसल होगा.

भारत आते हैं तो उन्हें मॉब लिंचिंग का भय है

बता दें कि पहले पीएनबी से 13,500 करोड़ रुपये का घोटाला कर देश से भागे हीरा कारोबारी नीरव मोदी ने कहा था कि वह अपनी जिंदगी पर मंडराते खतरे की वजह से भारत नहीं लौटेंगे. बता दें कि  एक मेल में नीरव मोदी ने ईडी से कहा था कि उसका पुतला जलाया जा रहा है और अगर वह भारत आते हैं तो उन्हें मॉब लिंचिंग का भय है. नीरव मोदी के वकील विजय अग्रवाल ने अपने मुवक्किल की चिंताओं का समर्थन करते हुए कहा कि ईडी द्वारा वित्त और ज्वैलर डिजाइनर के रूप में नीरव मोदी के संबंध में मांगी गयी जानकारी मुहैया नहीं करायी जा सकती. कहा कि उनका मुवक्किल इस तरह की सूचनाएं देने में समर्थ नहीं है क्योंकि ईडी ने उनके कार्यालयों को सील कर दिया है.  उनके कर्मचारियों को हिरासत में लेते हुए कंप्यूटर सर्वरों को जब्त कर लिया गया है. अग्रवाल के अनुसार इन सब कार्रवाई के बावजूद, नीरव मोदी लगातार ईडी से संपर्क में हैं.

 

 

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