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Jeneva, 29 September : म्यामां में हिंसा से बचकर बांग्लादेश जा रहे रोहिंग्या मुस्लिमों की एक नौका के डूब जाने से 60 से ज्यादा लोगों के मारे जाने की खबर है. संयुक्त राष्ट्र की विस्थापन एजेंसी ने आज कहा कि इन लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो गयी है क्योंकि इतने लोगों का कुछ पता नहीं चला है और उन्हें मृत माना जा रहा है.
इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन फॉर माइग्रेशन (आईओएम) के प्रवक्ता जोएल मिलमैन ने दुर्घटना का जिक्र करते हुए जिनेवा में संवाददाताओं से कहा, ‘‘आठ और शव मिलने के बाद 23 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है. इससे पहले 15 लोगों के मारे जाने का पता चला था.’’ बचने वाले लोगों से आईओएम की बातचीत के आधार पर मिलमैन ने कहा, ‘‘हमारा मानना है कि 40 लोग लापता हैं और उनके डूबने की आशंका है.’’ नौका में करीब 80 लोग सवार थे.
उन्होंने कहा कि तत्काल उनके पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है कि म्यामां में हिंसा से त्रस्त होने के बाद 25 अगस्त से रोहिंग्या लोगों के देश छोड़कर निकलने के बाद से किसी दुर्घटना में मारे गये लोगों की यह संख्या सर्वाधिक है या नहीं .
तब से पांच लाख से अधिक रोहिंग्या बांग्लादेश जा चुके हैं. हादसे में बचे हुए लोगों के हवाले से बताया गया है कि नौका कल अशांत समुद्र में तट से कुछ ही मीटर दूर थी लेकिन मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं के चलते यह दुर्घटना हुई.




