
Ranchi: रांची के जवाहर विद्या मंदिर में तीन दिवसीय सीबीएसई रीजनल लेबल विज्ञान प्रदर्शनी का उद्घाटन गुरुवार को किया गया. 34 स्कूलों के 62 मॉडल इस प्रदर्शनी में प्रदर्शित किये गये. कार्यक्रम में स्वास्थ्य एवं तंदरुस्ती विषय पर 9 मॉडल प्रदर्शित किये गये. संसाधन प्रबंधन और खाद्य सुरक्षा विषय पर 9, अपशिष्ट प्रबंधन और जल निकाय संरक्षण विषय पर 18, परिवहन और संचार विषय पर 11, डिजिटल और तकनीकी समाधान विषय पर 11 और गणितीय मॉडलिंग विषय पर 4 मॉडल प्रदर्शित किये गये. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में रांची विवि के कुलपति डॉ रमेश कुमार पांडेय मौजूद थे. उन्होंने स्कूल के प्राचार्य और शिक्षकों की तारीफ करते हुए कहा कि यह स्कूल बच्चों को किताबी शिक्षा के साथ-साथ नैतिक शिक्षा भी देता है. उन्होंने कहा सीबीएसई में विज्ञान प्रदर्शनी के लिए चुने गए विषय आज के वातावरण एवं समाज की जरूरत है.
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शिक्षा के क्षेत्र में अनुसंधान उन्मुख लोगों की जरूरत
विभावि के कुलपति डॉ रमेश शरण ने कहा कि देश को शिक्षा के क्षेत्र में अनुसंधान उन्मुख लोगों की जरूरत है. बच्चों को उनके आसपास की घटनाओं के बारे में पता होना चाहिए और उनके प्रदर्शनों के माध्यम से समस्याओं के समाधान की सोच रखना चाहिए. आजकल नये तरह का प्रदूषण रोशनी प्रदूषण भी फैलने लगा है, जिससे प्रवासी पक्षियों को बहुत ही परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
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विज्ञान प्रदर्शनी से छात्रों में होता है बेसिक साइंस के प्रति रुझान
प्राचार्य एके सिंह ने कहा कि विज्ञान प्रदर्शनी बच्चों के अंदर छिपी रचनात्मक एवं नई खोजों को सामने लाने में सहायक होती है. इससे छात्रों में बेसिक साइंस के प्रति रुझान पैदा होता है और बच्चे को रिसर्च के क्षेत्र में आगे बढ़ने में सहायक होती है. कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के तौर पर मेकॉन के डायरेक्टर गौतम चटर्जी और संजीव कुमार मौजूद थे.
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