
Ranchi: मुख्यमंत्री रघुवर दास के हाथों 28 जनवरी को झालसा के न्याय सदन में सिविल जज पद पर नियुक्त अभियर्थों को नियुक्ति पत्र बांटने के मामले में हाईकोर्ट में पीआईएल दायर की गयी है. पीआईएल बोकारो निवासी दीवान इंद्रनील सिन्हा ने दायर की है. इस कार्यक्रम में करीब 40 सिविल जजों को नियुक्त पत्र मुख्यमंत्री रघुवर दास और झारखंड हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल के हाथों से बांटा गया था. समारोह में सीएम रघुवर दास, मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल के अलावा जस्टिस एचसी मिश्रा भी मौजूद थे. दायर पीआईएल में कहा गया है कि किसी ऐसे व्यक्ति के हाथों से न्यायिक अधिकारियों को नियुक्ति पत्र बांटना असंवैधानिक है, जिसके ऊपर पहले से क्रिमीनल केस के चार्ज लगे हों. कहा गया कि, हो सकता है आने वाले दिनों में इन्हीं किसी जज में से कोई मुख्यमंत्री पर चल रहे केस का ट्रायल करे. दीवान इंद्रनील सिन्हा ने दायर पीआईएल में तीन लोगों को पार्टी बनाया है. रजिस्टर्ड जनरल, लॉ विभाग के केंद्रीय सचिव और झारखंड की मुख्य सचिव को याचिकाकर्ता ने पार्टी बनाया है. दायर पीआईएल के वकील राजीव कुमार हैं.
Ranchi: मुख्यमंत्री रघुवर दास के हाथों 28 जनवरी को झालसा के न्याय सदन में सिविल जज पद पर नियुक्त अभियर्थों को नियुक्ति पत्र बांटने के मामले में हाईकोर्ट में पीआईएल दायर की गयी है. पीआईएल बोकारो निवासी दीवान इंद्रनील सिन्हा ने दायर की है. इस कार्यक्रम में करीब 40 सिविल जजों को नियुक्त पत्र मुख्यमंत्री रघुवर दास और झारखंड हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल के हाथों से बांटा गया था. समारोह में सीएम रघुवर दास, मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल के अलावा जस्टिस एचसी मिश्रा भी मौजूद थे. दायर पीआईएल में कहा गया है कि किसी ऐसे व्यक्ति के हाथों से न्यायिक अधिकारियों को नियुक्ति पत्र बांटना असंवैधानिक है, जिसके ऊपर पहले से क्रिमीनल केस के चार्ज लगे हों. कहा गया कि, हो सकता है आने वाले दिनों में इन्हीं किसी जज में से कोई मुख्यमंत्री पर चल रहे केस का ट्रायल करे. दीवान इंद्रनील सिन्हा ने दायर पीआईएल में तीन लोगों को पार्टी बनाया है. रजिस्टर्ड जनरल, लॉ विभाग के केंद्रीय सचिव और झारखंड की मुख्य सचिव को याचिकाकर्ता ने पार्टी बनाया है. दायर पीआईएल के वकील राजीव कुमार हैं.
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क्रिमीनल केस दर्ज है रघुवर दास के खिलाफ
ऐसे दो मामले हैं जिनमें रघुवर दास के ऊपर क्रिमीनल केस दर्ज है. दोनों मामले जमशेदपुर जिले के हैं. पहला मामला 2007 का है. 24 अप्रैल 2007 को कदमा पुलिस स्टेशन में रघुवर दास के खिलाफ केस नंबर 44 दर्ज किया गया था. इस मामले में रघुवर दास पर आईपीसी की धारा 147, 149, 363, 452, 342, 324 और 225 के तहत केस दर्ज है. कॉउंसिल ऑफ द स्टेट के मुताबिक जांच अभी तक लंबित है. दूसरा मामला 24 अप्रैल 2013 का है. टेलको थाना में रघुवर दास के खिलाफ केस नंबर 145 दर्ज किया गया था. मामले में रघुवर दास पर आईपीसी की धारा 147, 148, 149, 323 और 186 के तहत केस दर्ज किया गया है. इस मामले में जांच अभी पेंडिग है.
सीएम ने नवनियुक्त न्यायिक अधिकारियों को संबोधित भी किया था
नियुक्ति पत्र बांटने के बाद सीएम रघुवर दास ने वहां मौजूद नवनियुक्त न्यायिक अधिकारियों को संबोधित भी किया था. उन्होंने कहा था कि कानून और न्याय प्रणाली की भूमिका महत्वपूर्ण है. इसके अभाव में आधुनिक समाज काम नहीं कर पाता है. ऐसी व्यवस्था देनी है जो विवादित मुद्दों का चुस्ती, निष्पक्षता और कुशलतापूर्वक निबटारा करने में समक्ष हो.
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कौन है याचिकाकर्ता दीवान इंद्रनील सिन्हा
दीवान इंद्रनील सिन्हा ने झारखंड के कई मामलों को लेकर पीआईएल किया है. साथ ही कई मामलों का आरटीआई के तहत पर्दाफाश भी किया है. सेल में 2007-08 में हुए नियुक्ति घोटाले का पर्दाफाश इन्होंने ही किया था. इस मामले में देश में एक साथ 37 जगहों पर सीबीआई ने छापेमारी की थी. जिनमें कई बड़े नाम शामिल थे. पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनके परिवार के लोगों पर आय से अधिक संपत्ति के मामाले में पीआईएल करने वाले याचिकाकर्ता हैं दीवान इंद्रनील सिन्हा. राज्यसभा हॉर्स ट्रेडिंग मामले में भी इन्होंने पीआईएल किया था. जिसके बाद रमा खलखो को काफी दिनों तक जेल में रहना पड़ा था. इलेक्ट्रो स्टील द्वारा वन भूमि पर अवैध कब्जा करने के मामले में इन्होंने पीआईएल किया था. हाल में कुड़मी जाति को आदिवासी में शामिल करने के मामले में भी इन्होंने पीआईएल किया है.
डॉक्ट्रीन ऑफ सेपेरेशन ऑफ पावर का मामलाः राजीव कुमार
पीआईएल करने वाले वरीय अधिवक्ता राजीव कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री का वहां जाना, वहां मौजूद न्यायिक अधिकारियों को अपने हाथों से नियुक्तीपत्र देना डॉक्ट्रीन ऑफ सेपेरेशन ऑफ पावर का मामला है.
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