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मोदी मंत्रिमंडल में 21 नए चेहरे

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को पहली बार अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया और चार कैबिनेट मंत्रियों सहित 21 नए चेहरे शामिल किए। नए मंत्रियों की औसत आयु 56 वर्ष के आसपास है। लोकसभा चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन के आधार पर विभिन्न क्षेत्रों तथा समुदायों को प्रतिनिधित्व दिया गया है। मंत्रिमंडल में मंत्रियों की कुल संख्या अब 66 हो गई है।
मंत्रालय के पहले विस्तार के दौरान शिवसेना ने अंतिम समय में तनावपूर्ण संबंधों के मद्देनजर सरकार में भागीदारी से इंकार कर दिया।
शिवसेना छोड़ने के बाद सुरेश प्रभु ने कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली। उम्मीद जताई जा रही है कि प्रभु को राज्यसभा में भेजा जाएगा। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जी-20 सम्मेलन के शेरपा भी हैं। वहीं मुंबई में शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने प्रभु के भाजपा में शामिल होने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। लेकिन इस बात के भी संकेत दिए कि सरकार में मंत्री अनंत गीते कुछ समय के लिए पद पर आसीन रहेंगे।
ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र विधानसभा में 12 नवंबर को होने वाले विश्वास मत के दौरान भाजपा अगर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) का समर्थन लेती है, तो शिवसेना विपक्ष में बैठेगी। शिव सेना ने हालांकि , अपने राज्यसभा सदस्य अनिल देसाई का नाम प्रस्तावित किया था, लेकिन मोदी ने अनुभवी सुरेश प्रभु को चुना और उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया, जबकि शिव सेना के अधिकृत उम्मीदवार देसाई को राज्यमंत्री के रूप में स्वीकार किया।
इस पर भड़की शिव सेना ने देसाई को वापस मुंबई बुला लिया और शपथ ग्रहण समारोह का बहिष्कार कर दिया।
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने राष्ट्रपति भवन के दरबार हॉल में आयोजित एक समारोह में चार को कैबिनेट मंत्री, तीन को राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 14 को राज्यमंत्री के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।

गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर, शिव सेना के सुरेश प्रभु, भाजपा महासचिव जे.पी. नड्डा और चौधरी बीरेंद्र सिंह को कैनिबेट मंत्री बनाया गया है।
भाजपा महासचिव नड्डा हिमाचल से राज्यसभा सांसद हैं और मोदी के करीबी सहयोगियों में से एक हैं।
बीरेंद्र सिंह हरियाणा के कद्दावर जाट नेता हैं और हरियाणा विधानसभा चुनाव से ठीक पहले वह कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे।

इसके अलावा भाजपा नेता बंडारू दत्तात्रेय, राजीव प्रताप रूडी और डॉ. महेश शर्मा को राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया है।
सिकंदराबाद से चौथी बार लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए दत्तात्रेय पूर्व में दो बार केंद्र सरकार में राज्य मंत्री रह चुके हैं। दत्तात्रेय तेलंगाना से भाजपा के एकमात्र सांसद हैं और उन्हें मंत्री बनाने से नवगठित राज्य को केंद्र सरकार में प्रतिनिधित्व मिला है।
बिहार के सारण से सांसद रूडी वाजपेयी के नेतृत्व वाली पूर्व राजग सरकार में उड्डयन मंत्री रह चुके हैं। सरकार गठन के बाद उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की अटकलें थीं, लेकिन उन्हें उस वक्त मंत्री न बनाए जाने पर उनके समर्थक निराश हुए थे।
नोएडा स्थित कैलाश अस्पताल के मालिक और गौत्तमबुद्ध नगर से सांसद डॉ. महेश शर्मा पेशे से चिकित्सक हैं। शर्मा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की स्थायी समिति के सदस्य भी हैं। वह पहली बार केंद्रीय मंत्री बने हैं, और मोदी ने उन्हें स्वतंत्र प्रभार वाला राज्य मंत्री बनाया है।
दूसरी ओर, भाजपा के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी को मोदी मंत्रिमंडल में राज्यमंत्री बनाया गया है। कई लोगों को ऐसा लग सकता है कि नकवी के साथ कम से कम न्याय नहीं हुआ।
उनके अलावा रामकृपाल यादव, राज्यवर्धन सिंह राठौर, गिरिराज सिंह, जयंत सिन्हा, हरिभाई चौधरी, मोहनभाई कल्याणजी भाई कुंडारिया, साध्वी निरंजन ज्योति, सांवरलाल जाट, हंसराज गंगाराम अहीर, डॉ.रामशंकर कठेरिया, बाबुल सुप्रियो, विजय सांपला और तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के वाई.एस.चौधरी को भी राज्यमंत्री बनाया गया है।
(आईएएनएस)

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