Uncategorized

मैने वापसी नहीं की, यह सतत प्रदर्शन है: तेजस्विनी

मुंबई. राष्ट्रमंडल खेलों में तेजस्विनी सावंत के स्वर्ण पदक को कइयों ने भले ही वापसी कहा हो लेकिन कुछ समय का ब्रेक लेने के बाद लौटी इस निशानेबाज का मानना है कि यह उनके सतत सफर का एक हिस्सा है. कोल्हापूर की इस निशानेबाज ने महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन में स्वर्ण और 50 मीटर राइफल प्रोन में रजत पदक जीता.

इसे भी पढ़ें: 21वें राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का शानदार प्रदर्शन, 26 स्वर्ण समेत 66 पदक के साथ तीसरे स्थान पर, 198 पदकों के साथ आस्ट्रेलिया पहले स्थान पर

राष्ट्रमंडल खेल 2014 के बाद पारिवारिक कारणों से  ब्रेक लिया था तेजस्विनी ने 

तेजस्विनी ने कहा कि जो मुझे जानते नहीं है, वे इसे वापसी मान रहे हैं लेकिन मेरा मानना है कि मेरा सफर लगातार चल रहा है. मैने दो महीने का ब्रेक लिया था. राष्ट्रमंडल खेल 2014 के बाद पारिवारिक कारणों से यह ब्रेक लिया था. इसकी वजह से प्रदर्शन खराब हुआ और मेरा चयन नहीं हो सका. उसने कहा कि  2015 के बाद से मैं भारतीय टीम में नंबर वन पर हूं और प्रदर्शन भी अच्छा है .मैने लंबा ब्रेक लेकर वापसी नहीं की है.

इसे भी पढ़ें: CWG 2018: भारत के लिए आज ‘गोल्डेन डे’, अबतक 6 स्वर्ण पदक

मेरा पदक औरंगाबाद में शहीद हुए भारतीय सेना के जवानों को समर्पित : तेजस्विनी

मेरा सफर चल रहा है जिसके बीच में यह प्रदर्शन हुआ है. तेजस्विनी ने कहा कि राष्ट्रमंडल और एशियाई खेल तोक्यो ओलंपिक 2020 की तैयारी के लिये अहम है. उसने कहा कि मेरा निशानेबाजी का सफर चल रहा है और जब तक मेरी रूचि है, जारी रहेगा. इसका अहम हिस्सा 2020 ओलंपिक है. इसके लिये ये छोटे कदम है और एशियाई खेल इसमें से एक है. राष्ट्रमंडल खेल एक कदम था और यह अच्छा रहा. उसने कहा कि मैने और कोच कुहेली गांगुली ने जैसा सोचा था, प्रदर्शन वैसा ही रहा और अब दूसरा कदम एशियाई खेल है. तेजस्विनी ने अपना पदक औरंगाबाद में शहीद हुए भारतीय सेना के जवानों को समर्पित किया.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Back to top button