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मुठभेड़ में सबजोनल कमांडर समेत चार नक्सली ढ़ेर, पलामू में भाकपा माओवादियों को लगा झटका

Palamu : पुलिस प्रवक्ता ने पुलिस मुख्यालय में संवाददाताओं को बताया कि पुलिस अधीक्षक, पलामू को मिली गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस और सीआरपीएफ ने संयुक्त छापेमारी अभियान चलाया. अभियान के क्रम में छतरपुर थाना क्षेत्र के मलंगा पहाड़ पर सीपीआई माओवादी के राकेश भुइयां दस्ते के उग्रवादियों ने पुलिस को देखते ही फायरिंग शुरू कर दी थी. अभियान में शामिल पलामू जिला के पदाधिकारी एवं सीआरपीएफ बल, सैप के स्मॉल एक्शन टीम सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी/कर्मियों एवं सीपीआई माओवादियों के बीच लगभग एक घंटे तक मुठभेड़ चली. मुठभेड़ में सीपीआई दस्ते का प्रमुख कुख्यात उग्रवादी सब जोनल कमाण्डर राकेश भुइयां एवं दस्ते के तीन अन्य महत्वपूर्ण सदस्य मारे गए.  राकेश दस्ते के साथ 8 फरवरी को भी पुलिस की मुठभेड़ हुई थी. जिसमें दो उग्रवादी मारे गए थे. एक महिला उग्रवादी को घायलावस्था में पकड़ा गया था.

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सब जोनल कमाण्डर के मारे जाने से क्षेत्र में कमजोर होगा ग्रुप

पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि दस्ते में 12 लोग पलामू और बिहार के बॉर्डर क्षेत्र में सक्रिय थे. मुठभेड़ में अबतक 6 लोग मारे गए हैं. एक महिला सदस्य को घायलावस्था में गिरफ्तार किया गया था. ग्रुप के एक सदस्य ने सरेंडर कर दिया था. इसी ग्रुप के एक सदस्य को गिरफ्तार किया गया था. वर्तमान में दस्ता कमजोर हो चुका है. राकेश के मारे जाने से दस्ता और भी कमजोर हुआ है, साथ ही उस क्षेत्र में शांति रहेगी.  

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पांच लाख का इनामी था राकेश भुइयां

पुलिस मुठभेड़ में मारा गया माओवादी राकेश भुइयां उर्फ सुरेश भुइयां आजाद बिगहा गांव, औरंगाबाद  (बिहार) का रहने वाला था. राकेश भुइयां झारखण्ड एवं बिहार में लगभग दो दर्जन से अधिक उग्रवादी कांडों में संलिप्त रहा है. राकेश भुइयां पर झारखण्ड सरकार ने पांच लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया था. मुठभेड़ के उपरांत सर्च अभियान के दौरान पुलिस को दो 7.62 एमएम एसएलआर, पांच एसएलआर का मैग्जीन, एसएलआर का जिंदा कारतूस-123 राउंड, .315 का जिंदा कारतूस-96, मोबाईल-07 सहित कई अन्य सामग्री बरामद की गयी. पुलिस उप-महानिरीक्षक के नेतृत्व में कई गांवों में सर्च अभियान चलाया जा रहा है.

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जनवरी से अबतक 12 मुठभेड़

झारखण्ड पुलिस और केन्द्रीय अर्द्धसैनिक बल अपने संयुक्त प्रयास से नक्सलियों को पूरी तरह से समाप्त करने के लिए कटिबद्ध है. इसी क्रम में नक्सल उन्मूलन अभियान के अंतर्गत एक जनवरी से अब तक पुलिस और उग्रवादी के बीच 12 मुठभेड़ हो चुकी है. इस मुठभेड़ में विभिन्न संगठन सीपीआई माओवादी, टीपीसी, जेजेएमपी के 10 उग्रवादी मारे गए. जिसमें दो लातेहार में, पांच पलामू में और दो हजारीबाग जिला में मारा गया है.

माओवादी एवं अन्य स्प्लिंटर ग्रुप्स खात्मे की कगार पर

पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि माओवादी एवं अन्य स्प्लिंटर ग्रुप्स झारखंड में खात्मे की कगार पर है. वर्ष 2017 में भी राज्य में झारखण्ड सरकार के आत्मसमर्पण नीति एवं पुलिस के बढ़ते दबाव के कारण दर्जनों शीर्ष नक्सलियों सहित कुल 47 उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण किया है. 12 नक्सली पुलिस मुठभेड़ में मारे गए एवं 02 सैक मेम्बर और 55 शीर्ष उग्रवादी सहित कुल 608 गिरफ्तारियां हुई है. नक्सलियों के पास से करीब डेढ़ करोड़ नकदी सहित 37 पुलिस से लुटे गए हथियार बरामद किए गए हैं. जनता से लुटे गए 10 हथियार के अलावा अन्य सैकड़ों हथियार भी बरामद किये गये हैं. पिछले वर्ष सैक स्तरीय इनामी माओवादी संदीप उर्फ मोतीलाल सोरेन की गिरफ्तारी से माओवादी के प्रभाव में काफी कमी आयी है.

संवेदनशील जगहों पर होली में विशेष सुरक्षा

होली को लेकर पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक और उपायुक्तों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से निर्देश दिया है. जिले में सामाजिक सौहार्द्र ना बिगड़े. राज्य के संवेदनशील स्थानों पर 9000 हजार सुऱक्षा बल तैनात किया गया है. जिसमें 3000 गृहरक्षक और 6000 जिला पुलिस के जवान को लगाया गया है. लोग अपने अधिकार का इस्तेमाल करें,  लेकिन किसी अन्य समुदाय का हनन ना करें. इससे आपसी सौहार्द्र बना रहेगा.

लोगों को गुमराह किया जा रहा है

पुलिस प्रवक्ता ने पत्थलगड़ी मामले पर बताया कि अफीम की खेती करने वाले, पीएलएफआई से संपर्क रखने वाले लोग ही ऐसा करवा रहे हैं. यही लोग पत्थलगड़ी को बढ़ावा दे रहे हैं. सीधे-साधे ग्रामीणों को बरगलाया जा रहा है. गलत चीजें बताकर ग्रामीणों का फायदा उठाया जा रहा है. पुलिस मामले को लेकर कई लोगों को गिरफ्तार किया है. आगे भी कार्रवाई की जाएगी.

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