
Mumbai: महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले लाल आंतक पर लगाम कसते हुए सुरक्षा बलों ने 16 नक्सलियों को ढेर कर दिया. रविवार को भामरगढ़ के कासनपुर जंगल में गढ़चिरौली पुलिस की विशेष लड़ाकू इकाई सी -60 के कमांडो और सीआरपीएफ की नौवीं टुकड़ी के जवानों के संयुक्त दल और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई. जिसमें 16 नक्सली मारे गये. पिछले चार सालों में महाराष्ट्र में हुई सबसे बड़ी मुठभेड़ में नक्सल कमांडर और नेता साईंनाथ और सीनू भी ढेर हो गए. मारे गए नक्सलियों की संख्या बढ़ सकती है. नक्सलियों के खिलाफ इस कार्रवाई में सुरक्षाबलों का कोई जवान हताहत नहीं हुआ.
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नक्सली घटनाओं में आयी कमी
बीते कुछ महीनों में नक्सली घटनाओं में कमी आयी है. वही महाराष्ट्र पुलिस इन दिनों राज्य के नक्सल प्रभावित इलाकों में नक्सलियों के खिलाफ अभियान चला रही है. नक्सलियों के सफाए के लिए पुलिस की तरफ से यह अभियान दो दिनों से चल रहा था. फिलहाल इलाके व पड़ोसी जिलों जैसे चंद्रपुर व मध्य भारत के पड़ोसी राज्यों में फैसले से पुलिस ने बढ़ते खतरे से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षित बलों को तैनात किया है. बता दें कि पुलिस ने 2013 में अहेरी तालुका में गोविंदगांव में 6 नक्सलियों को मार गिराया था। पुलिस ने 2017 में सिरोनचा तालुका के कल्लाडे जंगलों में सात नक्सलियों को मार गिराया था. गौरतलब है कि देश में नक्सली गतिविधियों में कमी आई है और नक्सलियों का इलाका भी घटा है. देश के नक्सल प्रभावित 126 जिलों में से सरकार ने 44 जिलों को नक्सल मुक्त क्षेत्र घोषित कर दिया है. हालांकि, 8 नए जिले नक्सल प्रभावित इलाके में शामिल भी किए गए हैं. सबसे ज्यादा नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या 35 से घटकर 30 रह गई है. बिहार और झारखंड के 5 जिले ज्यादा नक्सल प्रभावित टैग से मुक्त हो गए हैं.




