
Ranchi : मां को अनेक शब्द मां, अम्मा, मम्मी, आई, माता, माई जैसे रूपों में पुकारा जाता है. जैसे ही मां को पुकारा जाता है, हमारी आंखों में एक अलग ही चमक देखने को मिलती है. मां शब्द में असीम प्यार छुपा हुआ है. मां शब्द अपने आप में पूर्ण है, जिसकी तुलना किसी से भी नहीं की जा सकती है. कहते हैं कि जब ईश्वर ने यह दुनिया बनाया तो उसकी सर्वश्रेष्ठ रचना मां ही थी. ईश्वर हर किसी के पास तो जा नहीं सकते हैं, इसलिए उसने अपने से बढ़कर हम सभी के पास मां को भेज दिया. मां कभी भी अपने पुत्र का बुरा नहीं चाहती है. मां खुद भूखी सो सकती है, लेकिन कभी भी अपने संतान को भूखा नहीं सोने देती है. जिसपर मां की असीम कृपा हो जाए उसे दुनिया में सर्वश्रेष्ठ स्थान मिल जाता है. ये शब्द “मदर्स डे” पर दुनिया की हर एक मां को समर्पित है. मां के विषय में कहा जाता है कि पूत कपूत भले हो जाये, माता कुमाता नहीं होती.
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रांची जिले में एक वर्ष में बच्चों का जन्म
रांची जिले के विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और सदर अस्पताल को मिलाकर वित्तीय वर्ष 01 अप्रैल 2017 से 31 मार्च 2018 तक कुल 68607 बच्चों का जन्म हुआ. जिसमें लड़कों की संख्या 35672 है. वहीं लड़कियों की संख्या 32935 है. जबकी कुल प्रसव में सिजेरीयन डिलीवरी की संख्या 9332 है.
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सदर अस्पताल में प्रसव के लिए बेहतर व्यवस्था
सिविल सर्जन डॉ एसएस हरीजन ने कहा कि प्रसव के लिए सदर अस्पताल हर संभव अपना बेहतर देने का प्रयास करता है. उन्होंने कहा कि लगभग 600 महिलाओं का प्रसव प्रतिमाह सदर अस्पताल में होता है. जिसमें सिजेरियन डिलीवरी की संख्या 250 प्रतिमाह है. जच्चा और बच्चा की सुरक्षा की मुकम्मल व्यवस्था सदर अस्पताल में की गई है. नवजात बच्चों के लिए अस्पताल में फिजियोथेरेपी यूनिट, इमरजेंसी केयर की व्यवस्था भी की गई है.




