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भारत, ऑस्ट्रेलिया ने पांच समझौतों पर हस्ताक्षर किए

केनबरा : भारत और आस्ट्रेलिया ने मंगलवार को रक्षा क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सुरक्षा सहयोग, असैन्य परमाणु और आर्थिक संबंधों से संबधित समझौतों पर हस्ताक्षर करते हुए द्विपक्षीय रिश्तों में उल्लेखनीय प्रगति दिखाई है। पांच दिवसीय आस्ट्रेलिया यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चार शहरों का दौरा किया। दोनों देशों के बीच पांच समझौतों पर हस्ताक्षर हुए जिनमें कैदियों की अदला-बदली और पर्यटन जैसे मुद्दे शामिल हैं। मोदी ने आस्ट्रेलिया की संसद को भी संबोधित किया, ऐसा करने वाले वह भारत के पहले प्रधानमंत्री बन गए हैं।

मोदी के मंगलवार के भाषण की विशेषता यह थी कि उन्होंने आस्ट्रेलिया में अपने समकक्ष टोनी एबॉट के साथ संसद को संबोधित करने के बाद वहां मौजूद पत्रकारों से अंग्रेजी में बात की। उन्होंने मेलबर्न के व्यापारियों को भी अंग्रेजी में ही संबोधित किया।

मोदी पिछले 28 सालों में आस्ट्रेलिया जाने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बन गए हैं। इससे पहले 1986 में राजीव गांधी आस्ट्रेलिया के दौरे पर गए थे।

मोदी ने अपनी आस्ट्रेलिया यात्रा की समाप्ति मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री टोनी एबॉट के साथ रात्रिभोज के बाद की। यहां पर पूर्व भारतीय क्रिकेटर कपिल देव, वी. वी. एस. लक्ष्मण और सुनील गावस्कर भी मौजूद थे।

इससे पहले केनबरा में एबॉट से बातचीत के बाद मोदी ने कहा कि दोनों देशों ने जल्द से जल्द असैन्य परमाणु समझौता और द्विपक्षीय व्यापार संधि पर बातचीत में तेजी लाने पर सहमति जताई है।

आस्ट्रेलिया और भारत के बीच द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी को पुख्ता बनाने के लिए सुरक्षा सहयोग का एक तंत्र बनाने पर भी सहमति बनी है।

सुरक्षा सहयोग के लिए तैयार तंत्र की कार्ययोजना के अनुसार, दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच एक सालाना बैठक, एक विदेश मंत्री स्तर की वार्ता, नियमित रूप से रक्षा मंत्रियों की बैठक और वार्षिक रक्षा नीति वार्ता होगी। साथ ही नियमित द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास भी होगा।

दोनों ही देश आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सहयोग करेंगे। ऑस्ट्रेलिया निर्यात नियंत्रण व्यवस्थाओं की भारतीय सदस्यता का समर्थन करेंगा।

मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते पर वार्ता में तेजी लाने पर सहमति बनी है।

उन्होंने आस्ट्रेलियाई बाजार के लिए भारतीय व्यापार की आसान पहुंच और निवेश को जल्द मंजूरी मिलने की मांग की। मोदी ने आस्ट्रेलिया की संसद में दिए अपने 25 मिनट के भाषण की शुरुआत बड़े ही साधारण तौर पर की, इस बीच उन्होंने वहां के लोगों को हंसाया भी।

मोदी ने कहा, “चीनी राष्ट्रपति और ब्रिटिश प्रधानमंत्री के बाद बीते एक हफ्ते में मैं तीसरा विदेशी नेता हूं, जो संसद को संबोधित कर रहा हूं। मुझे नहीं पता कि आप सब इतना कैसे सहन कर रहे हैं। हो सकता है, यह प्रधानमंत्री एबॉट के कामकाज करने के तरीके का असर हो।”

द्विपक्षीय वार्ता के बाद आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री ने कहा, “जाहिर है, हम उपयुक्त सुरक्षा उपायों के तहत भारत को यूरेनियम निर्यात करेंगे।”

एबॉट ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी को संसद में मिले पूर्ण बहुमत को संदर्भित करते हुए कहा, “मोदी किसी भी काम को पूरा कराने के लिए गेंद पर दौड़ते हैं ताकि नौकरशाही सही ढंग से काम करे।”

मेलबर्न में मोदी ने उद्योगपतियों को बिना किसी तैयार भाषण के अंग्रेजी में संबोधित किया।

उन्होंने खनन कारोबारी गीना रीनहर्ट, बीएचपी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एंड्र मैकेंजी, ट्रकिंग कारोबारी लिंडसे फॉक्स, विसी इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष एंथोनी प्रैट समेत उन्य कंपनियों के कार्यकारी अधिकारियों से कहा कि यह सरकार भारत में कारोबार करने में आसानी बढ़ाने के लिए उपक्रमों में सुधार कर रही है।

मोदी ने कहा, “मई में उनकी सरकार द्वारा कर्यभार संभालने से पहले देश की आर्थिक विकास दर घट गई थी।”

उन्होंने कहा, “मेरी सरकार अर्थव्यवस्था में जान फूंकने के लिए तेज, चौमुखी और समावेशी विकास सुनिश्चित करने के साथ एक ऐसे माहौल बनाने की कोशिश कर रही है, जो सहायक, पारदर्शी और न्यायपूर्ण हो।”

मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के गोलमेज सम्मेलन में मोदी और उद्योगपतियों ने शिक्षा, सेवा, ऊर्जा, बैंकिंग और सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी मुद्दों पर चर्चा की।
(आईएएनएस)

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