नई दिल्ली: लोकसभा के इतिहास में गुरूवार काले दिन के रूप में दर्ज हो गया। अलग तेलंगाना राज्य का बिल जैसे ही संसद के निचले सदन में पेश हुआ, सीमांध्र से जुडे कांग्रेस, वाईएसआर कांग्रेस और तेदेपा के सांसदों ने जमकर उत्पात शुरू कर दिया। कांग्रेस और तेदेपा के दो सांसदों की करतूत ने लोकतंत्र की सभी मर्यादाएं ध्वस्त कर दीं। संसदीय इतिहास को शर्मसार करने वाले ऎसे 18 सांसदों को लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार ने निलंबित कर दिया है।
सदन में घोर अव्यवस्था फैलाने, नियमों का उल्लंघन करने और जानबूझकर कार्यवाही में विƒन डालने के आरोप में लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने 18 सदस्यों को नियम 374 ए के तहत निलंबित कर दिया। सदन में पिछले कई दिनों से तेलंगाना मुद्दे पर कार्यवाही में बाधा डालने के लिए इन सदस्यों को अध्यक्ष ने निलंबित किये जाने की गुरूवार को घोषणा की।
आज निलंबित किये गए 18 सदस्यों में सबम हरि, अनंत वेंकटरामी रेड्डी, रायापति संवाशिवा राव, निमाला कृषतप्पा, वाईएस जगनमोहन रेड्डी, एम वेणुगोपाल रेड्डी, एसपी वाई रेड्डी, के नारायण राव, एम राजमोहन रेड्डी, एम श्रीनिवासुलु रेड्डी, वी अरूण कुमार, एसाई प्रताप, एल राजगोपाल, सुरेश कुमार शेटकर, केआरजी रेड्डी, जीएस रेड्डी, डा. एन शिवप्रसाद, वापीराजू कानूमुरी शामिल हैं। विजयवाडा से कांग्रेस से निष्कासित सांसद लगदापति राजगोपाल ने सांसदों के ऊपर काली मिर्च का पाउडर स्प्रे कर दिया, जिससे कई सांसद खांसने लगे, आंखों में जलन शुरू हो गई। इससे कई सांसदों को तबीयत बिगड गई।
उन्हें राममनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया। सांसदों के बीच जमकर हाथापाई भी हुई। आरोप है कि हाथापाई के दौरान तेदेपा के सांसद वेणुगोपाल ने चाकू निकाल लिया। इसी दौरान एक सदस्य ने मीरा कुमार के आसन पर रखे कागजों को छीनना शुरू कर दिया और रिपोर्टर टेबल पर लगे माइक को तोड दिया। हंगामे और अव्यवस्था की स्थिति में स्पीकर ने सदन की कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी और सदन को खाली करा दिया गया। लोकसभा अध्यक्ष ने इस घटना पर गहरा रोस प्रकट किया है। उन्होंने कहा, मैं बेहद तकलीफ और गुस्से में हूं।
संसदीय कार्यमंत्री कमलनाथ ने घटना को प्रजातंत्र के लिए काला दिन करार दिया। संसद के इतिहास में ऎसी शर्मनाक घटना पहले कभी नहीं हुई। कांग्रेस समेत तमाम दलों के नेता एक सुर में गुरूवार की घटना का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि सदन के भीतर उत्पात मचाने वाले सांसदों की सदस्यता रद्द की जाए और उन्हें आपराधिक दंड संहिता के तहत गिरफ्तार किया जाए। संसदीय कार्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि सरकार इन सांसदों की गिरफ्तारी और सदस्यता रद्द करने का प्रस्ताव लेकर आएगी, इस फैसला स्पीकर को करना है। सीसीटीवी फुटेज से उपद्रव मचाने वाले सांसदों की पहचान की जा रही है।
गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि बिल पेश हो गया है और संसद को शर्मसार करने वाले सांसदों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। तेलंगाना बिल को आज लोकसभा में पेश किए जाने के मद्देनजर पहले से ही सदन के भीतर बवाल की आशंका थी। तेलंगाना समर्थक और विरोधी संसद के बाहर सुबह से जमा होने लगे थे। तेलंगाना मुद्दे और श्रीलंका में तमिलों की स्थिति जैसे विषयों पर सदस्यों के भारी शोर-शराबे के कारण आज 11 बजे शुरू होने के कुछ ही देर बाद दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई। सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सीमांध्र क्षेत्र के कांग्रेस, तेदेपा और वाईएसआर कांग्रेस के सदस्य एकीकृत आंध्र प्रदेश की मांग करते हुए अध्यक्ष के आसन के समीप आ गए। उनके हाथों में तख्तियां थीं जिन पर लिखा था, आंध्र प्रदेश को एक रखें और हम एकीकृत आंध्रा चाहते हैं। स्पीकर ने सदस्यों से शांत रहने और प्रश्नकाल चलने देने की अपील की और एक प्रश्न को भी लिया, मगर सदस्यों का हंगामा जारी रहा।
शोर-शराबा थमता नहीं देख अध्यक्ष ने कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। दोपहर 12 सदन की कार्यवाही फिर शुरू होने पर स्पीकर ने जैसे ही तेलंगाना बिल पेश करने के लिए गृहमंत्री सुशील कुमार का नाम लिया, सीमांध्र से जुडे सांसदों ने हंगामा करना शुरू कर दिया और शिंदे के हाथ से बिल की कॉपी फाडने की कोशिश की। भारी अफरा तफरी में वेणुगोपाल द्वारा कागज छीने जाने और माइक तोडे जाने के बीच कांग्रेस के राजगोपाल ने पहले रिपोर्टर टेबल पर रखे बक्से को पेपर वेट से तोड दिया और उसके बाद जेब से स्प्रे निकालकर उसे चारों तरफ छिडकना शुरू कर दिया, जिससे सदन और उसकी दीर्घाओं में लोग खांसने लगे। हंगामा कर रहे इन दोनों सदस्यों को विभिन्न दलों के सदस्यों ने आकर रोकने का प्रयास किया, लेकिन वे काबू में नहीं आ रहे थे। कई सदस्यों ने राजगोपाल के हाथ को झटककर स्प्रे की बोतल छीनने का प्रयास किया और काफी मशक्कत के बाद वह उसने स्प्रे छीनने में सफल हुए।
स्प्रे छिडकने से सदन में और दर्शक एवं पत्रकार दीर्घाओं में बैठे लोगों को खांसी आनी शुरू हो गई, जिसके कारण एंबुलेंस बुलानी पडी। स्प्रेन से अधिक प्रभावित होने वाले कुछ सांसदों को एंबुलेंस द्वारा राममनोहर लोलिया अस्पताल ले जाया गया। चाकू निकालने के आरोप का सामना कर रहे वेणुगोपाल ने कहा कि उन्होंने चाकू नहीं निकाला था, बल्कि सिर्फ माइक तोडी है। वेणुगोपाल ने कहा कि मैंने महासचिव के सामने वाली माइक तोडी थी, जिसे चाकू बताया जा रहा है।




