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Ranchi, 06 September: केरल के तर्ज पर हो झारखंड में शिक्षा का प्रसार, केरल के शिक्षकों ने वहां की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से बदल दिया है. झारखंड के शिक्षकों में कोई कमी नहीं वो बस लगन से अपना काम करें. यह बात शिक्षक दिवस पर आयोजित शिक्षक समागम कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रघउवर दास खेलगांव स्थित टाना भगत इंडोर स्टेडिय में कह रहे थे. उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सालों में झारखंड के स्कूलों में ड्रॉप आउट स्टूडेंट्स की संख्या में काफी कमी आयी है. मौके पर मौजूद शिक्षा मंत्री नीरा यादव ने कहा- शिक्षकों को केवल शिक्षा के प्रति जवाबदेह होना चाहिए, अधिकारी संभव हो तो कम से कम शिक्षकों को अन्य कामों में लगाएं. शिक्षक संगमागम के दौरान मुख्यमंत्री ने ज्ञानयोदय योजना का उद्घाटन किया गया.
हर शिक्षक को मिलेगा टैब
स्कूली शिक्षा एवं साक्षारता विभाग की सचिव अराधना पटनायक ने शिक्षकों के संबोधन में कहा कि वर्तमान युग तकनीक की है. इसके बिना शिक्षा में भी गुणवत्ता नहीं आ सकती है. सरकार ज्ञानयोदय योजना के माध्यम से शिक्षकों टैब देगी. उन्होंने कहा कि अब टैब के माध्यम से शिक्षकों पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों और अपनी उपस्थिति में देने में असानी होगी.
कुल 5200 शिक्षकों को किया गया सम्मानित
शिक्षक समागम समारोह के दौरान कुल 5200 शिक्षकों को सम्मानित किया गया. इस दौरान विभिन्न प्रतियोगितओं में बेहतर प्रदर्शन करनेवालों को भी विभाग की ओर सम्मानित किया गया. समारोह में शिक्षकों और बच्चों के प्रस्तुति ने लोगों का मन मोह लिया. स्कूल चलें और जंगल बचाओं अभिायान के तर्ज पर बच्चों न मनमोहक प्रस्तुति दी.




