
Dayanand Roy
Ranchi: यहां मंत्री, सांसद, विधायक और संतरी सब चलेगा. लेकिन बंदूक. वह यहां नहीं चलेगा. जी हां, श्रद्धानंद रोड स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में बंदूक और एके 47 जैसे आग्नेयास्त्रों का प्रवेश वर्जित है. इस संबंध में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में एक नोटिस चिपकाया गया है. कांग्रेस प्रवक्ता लाल किशोर नाथ शाहदेव ने बताया कि आग्नेयास्त्रों के साथ कार्यालय के उपर आना मना है. कार्यालय में बॉडीगार्ड हो या कोई अन्य जो हथियार के साथ हों उन्हें नीचे प्रांगण में ही रहना है उन्हें उपर आने की इजाजत नहीं है. वहीं पार्टी प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने बताया कि सुरक्षा कारणों से एक साल पहले यह नोटिस लटकाया गया है. जब उनसे पूछा गया कि प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में हुई गोलीबारी तो इसकी वजह नहीं है तो उन्होंने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है.
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यह लिखा है नोटिस में
कांग्रेस भवन में लाल अक्षरों से लिखे गये नोटिस में कहा गया है कि कांग्रेस भवन में किसी भी प्रकार का आग्नेयास्त्र वर्जित है. सरकारी अंगरक्षकों अथवा अन्य अंगरक्षकों का भी अस्त्र शस्त्र लेकर कार्यालय भवन में प्रवेश वर्जित है. हालांकि सूत्र बताते हैं कि इस नोटिस के लगाये जाने की वजह दूसरी है. उनका कहना है कि इसकी वजह प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में जून 2013 में हुई गोलीबारी है. ऐसी घटना दुबारा न घटे इसलिए यह नोटिस लगाया गया है.
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हिंसक झड़प में हुई थी हवाई फायरिंग
वर्ष 2013 के जून में जब कांग्रेस के झारखंड प्रभारी बीके हरिप्रसाद रांची में थे तो उनकी उपस्थिति में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में हवाई फायरिंग हुई थी. फायरिंग की घटना धनबाद के तत्कालीन विधायक मन्नान मल्लिक, प्रदेश युवक कांग्रेस के अध्यक्ष अनूप सिंह और एनएसयूआई के अध्यक्ष शाहबाज अहमद के बीच हुई थी. इस दौरान दो नेताओं के अंगरक्षकों ने हवाई फायरिंग की थी. इस दौरान प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय रणक्षेत्र में तब्दील हो गया था. घटना की वजह आपसी विवाद था.
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