
Mumbai : मुंबई के आजाद मैदान में मौजूद लगभग 30 हजार किसानों का आंदोलन समाप्त हो गया. किसानों के प्रतिनिधि अपनी मांगों को लेकर सोमवार दोपहर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मिले. खबरों के अनुसार महाराष्ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार ने उनकी मांगें मान लीं. बता दें कि अखिल भारतीय किसान सभा (एआईकेएस) की ओर से आयोजित इस मार्च में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के किसान धड़े के किसान लाल टोपी पहने, हाथों में लाल झंडे लिये ड्रम बजाते हुए मार्च में शामिल हुए. किसानों ने छात्रों की बोर्ड परीक्षाओं में किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न हो इस बात को ध्यान में रखते हुए रात (सोमवार) को दो बजे ही विद्याविहार के सोमैया मैदान से ऐतिहासिक आजाद मैदान के लिए रवाना हो गये. किसानों की सोमवार दोपहर को महाराष्ट्र विधानसभा की घेराबंदी करने की योजना को देखते हुए सरकार ने किसानों के साथ सभी मुद्दों पर चर्चा करने के लिए आनन-फानन में छह सदस्यीय मंत्रिमंडलीय समिति गठित कर दी थी.
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सरकार किसानों के 1.5 लाख तक के कर्ज को माफ करेगी
किसानों के प्रतिनिधिमंडल से वार्ता के बाद सोमवार दोपहर राज्य सरकार के मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने बताया कि सरकार ने लिखित रूप में अपनी स्वीकृति दे दी है. सीएम फडणवीस ने कहा कि मुख्य सचिव इसमें आगे की प्रक्रिया की देखरेख करेंगे. किसानों की मुख्य मांगों में कर्ज माफी और फसलों के सही दाम शामिल है. सूत्रों के अनुसार सरकार ने कर्जमाफी की मांग मान ली है. सरकार किसानों के 1.5 लाख तक के कर्ज को माफ करेगी और इसकी मियाद जून 2017 की रखी है, जो कि पहले जून 2016 रखी गयी थी. सरकार के आश्वासन के बाद किसानों ने अब अपना प्रदर्शन वापस ले लिया.
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कई राजनीतिक पार्टियों ने पदयात्रा का किया समर्थन
किसान नेता अजीत नवाले ने कहा कि हमारी प्रमुख मांगों में जून 2017 में घोषित हुए किसान कर्ज माफी को लागू करना है, जिससे किसान पूरी तरह से कर्जमुक्त हो सकें. मोर्चे के मुंबई पहुंचते ही कई राजनीतिक पार्टियों ने इस पदयात्रा का समर्थन भी किया. सत्ता में बैठी शिवसेना की ओर से आदित्य ठाकरे और एकनाथ शिंदे ने किसानों को संबोधित किया. मुंबई नगरपालिका ने आज़ाद मैदान में किसान मोर्चा के लिए ख़ास इंतज़ाम किये थे. 40 सीटों वाला टॉयलेट, पानी के 4 टैंकर, एंबुलेंस का इंतज़ाम किया गया था. महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष अशोक चव्हाण, राधाकृष्णन विखे-पाटिल, पृथ्वीराज चव्हाण और नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार, धनंजय मुंडे और जितेंद्र अवहद सहित कांग्रेस नेताओं ने किसानों के मार्च को समर्थन देने का ऐलान किया था.
सूत्रों के मुताबिक, इस मुलाकात में समझौते का रास्ता निकल चुका है. महाराष्ट्र सरकार किसानों को ये लिखित आश्वासन देने को तैयार है कि उनकी सारी मांगों पर अगले दो महीने में विचार किया जाएगा. मुंबई के आजाद मैदान में डटे ये किसान अपने सारे कर्जों की माफी, बकाया बिजली बिल में राहत और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें तत्काल लागू किए जाने की मांग कर रहे हैं.
विरोध प्रदर्शन खत्म कर सकते हैं किसान
कर्जमाफी और फसलों के उचित मूल्य सहित अपनी विभिन्न मांगों को लेकर ये किसान आज महाराष्ट्र विधानसभा घेरने की तैयारी में थे, हालांकि अब ऐसी खबर है कि किसान जल्द ही अपना विरोध प्रदर्शन खत्म कर सकते हैं. बता दें कि लेफ्ट से जुड़े ऑल इंडिया किसान सभा (एआईकेएस) की अगुवाई में करीब 30 हजार किसानों का जत्था नासिक से छह दिनों तक पैदल चल कर रविवार को 180 किलोमीटर दूर मुंबई पहुंचा था. प्रदर्शन कर रहे किसानों को कांग्रेस, शिवसेना और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना का समर्थन मिला है. आरएसएस ने भी राज्य सरकार से इस मुद्दे के समाधान की मांग की है.
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