
Damascus : सीरिया में वायुसेना अड्डे पर हुए मिसाइल हमले में कई लोग मारे गये और कई अन्य घायल हो गये. सरकारी मीडिया ने यह जानकारी दी. सीरिया में विद्रोहियों के गढ़ माने जाने वाले इलाके में इससे पहले संदिग्ध रासायनिक हमले को लेकर अमेरिका ने सीरिया एवं उसके सहयोगी देशों को आगाह किया था. सीरिया में होम्स के तायफुर वायुसेना अड्डे पर हमला ऐसे समय में हुआ है जब शनिवार को पूर्वी घोउटा में विद्रोहियों के गढ़ पर हुए हमले को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आक्रोश बढ़ गया है.
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वायु रक्षा प्रणाली ने इन मिसाइल हमलों को रोका
सरकारी समाचार एजेंसी सना ने सोमवार को कहा कि तायफुर वायुसेना अड्डे पर कई मिसाइल हमले हुए. हमारी वायु रक्षा प्रणाली ने इन मिसाइल हमलों को रोका है. हमले में कई लोग मारे गये और कई जख्मी हो गये हैं. बहरहाल उसने हताहतों की कुल संख्या नहीं बतायी. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा दमिश्क के पूर्वी उपनगर दोउमा में रासायनिक हमले को लेकर सख्त चेतावनी जारी करने के तुरंत बाद ये मिसाइल हमले हुए.
हमले में महिलाओं और बच्चे समेत कई लोग मारे गये : ट्रंप
ट्रंप ने ट्वीट किया और कहा कि सीरिया में मिसाइल रासायनिक हमले में महिलाओं और बच्चे समेत कई लोग मारे गये. सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद का समर्थन करने के लिये रूस के राष्ट्रपति पुतिन और ईरान जिम्मेदार हैं. उन्हें इसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी. समाचार एजेंसी सना ने बताया कि सरकार के साथ हुए समझौते के बाद जैश अल – इस्लाम के विद्रोही एवं उनके परिवार और आम नागरिकों ने अब पूर्वी घोउटा से हटना शुरू कर दिया है. दूसरी ओर यूरोपीय संघ ने सोमवार को कहा कि ऐसे साक्ष्य मिले हैं जिनसे यह संकेत मिला है कि सीरिया प्रशासन ने दोउमा में रासायनिक हमले किये और उसने सीरिया के सहयोगी रूस एवं ईरान से आह्वान किया वे ऐसे अन्य हमलों को रोकने में मदद करें.
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रूस और ईरान ने सीरिया में रासायनिक हमले के आरोप को किया खारिज
वहीं सीरिया में कथित रासायनिक हमलों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रही आलोचनाओं के बीच फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों ने भी दोउमा में आम नागरिकों पर रासायनिक हमले का आरोप लगाया. बहरहाल रूस और ईरान ने सीरिया में ऐसे किसी रासायनिक हमले के आरोप को खारिज किया है. रूस ने अमेरिका को आगाह किया कि वह किसी पूर्वाग्रह के आधार पर सीरिया में सैन्य हस्तक्षेप नहीं करे. ईरान के विदेश मंत्रालय ने इन आरोपों की आलोचना करते हुए एक बयान में कहा कि अमेरिका एवं पश्चिमी देशों के ऐसे आरोप सीरियाई सरकार एवं वहां के नागरिकों के खिलाफ नयी साजिश के संकेत और सैन्य कार्रवाई के बहाने हैं.
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