अहमदाबाद: सीबीआई की विशेष अदालत ने इशरत जहां मुठभेड़ प्रकरण में पूर्व गृह राज्य मंत्री अमित शाह, अहमदाबाद के तत्कालीन पुलिस आयुक्त के आर कौशिक व सीबीआई को नोटिस जारी किया है।
विशेष न्यायाधीश गीता गोपी ने मुठभेड़ में मारे गए प्रणेश पिल्लई उर्फ जावेद शेख के पिता गोपीनाथ पिल्लई की ओर से दायर याचिका पर शुक्रवार को प्रतिवादियों को यह नोटिस जारी किया। इस मामले में प्रतिवादियों को 26 मार्च तक जवाब देना होगा।
आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 319 के तहत दायर इस याचिका में शाह व कौशिक को इस मामले में आरोपी बनाने की मांग की गईहै। साथ ही उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने की गुहार लगाई गई है।
वकील शमशाद पठाण व अमरीश पटेल के मार्फत दायर याचिका में कहा गया कि पुख्ता सबूत होने के बावजूद सीबीआई ने आरोप पत्र व पूरक आरोप पत्र में इन दोनों का नाम शामिल नहीं किया गया है। इस मामले के दोनों षडयंत्र तथा हत्या में लिप्त हैं। इसलिए दोनों के खिलाफ हत्या व आपराधिक षडयंत्र का मुकदमा चलाया जाना चाहिए।
याचिका में इसी मामले में आरोपी व निलंबित आईपीएस डी जी वंजारा के पत्र का हवाला भी दिया गया है जिसमें कहा गया कि राज्य में मुठभेड़ एक नीति का हिस्सा थी, आरोपी के रूप में इन दोनों को आइसमें कहा गया कि गुजरात उच्च न्यायालय के सोहराबुद्दीन फर्जी मुठभेड़ मामले में वी ए राठौड़ को आरोपी बनाएजाने की तरह भी इस मामले में भी इन दोनों को आरोपी बनाया जाए।
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने 15 जून 2004 को इशरत, जावेद सहित चार जनों को शहर के कोतरपुर इलाके में फर्जी मुठभेड़ में मार गिराया था। क्राइम ब्रांच का दावा था कि ये सभी मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी को मारने के मिशन पर आए थे।




