वाशिंगटन. गोपनीय जानकारी लीक करने के लिए मशहूर वेबसाइट विकिलीक्स द्वारा ढाई लाख अमेरिकी संदेश सार्वजनिक किये जाने से एक बार फिर दुनिया के सामने अमेरिका की नीयत पर सवाल उठने लगे हैं। ये संदेश दुनिया भर में फैले 270 अमेरिकी दूतावासों से जारी हुए हैं। इनमें 3038 संदेश दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास से जारी किए गए थे।
सार्वजनिक हुए संदेशों के मुताबिक अमेरिका दुनिया भर में फैले अपने दूतावासों में तैनात राजनयिकों से जासूसी करवाता है। वह संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों की भी जासूसी करवाता है। जबकि, इस लीक से अमेरिका भडक उठा है। उसको कहना पडा- हमारे राजनयिक ‘डिप्लोमैट्स’ ही हैं जासूस नहीं।’
अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने विकीलीक्स की हरकत को गैरजिम्मेदाराना करार दिया है। साथ ही पेंटागन ने इन सूचनाओं की गोपनीयता बनाए रखने के लिए कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। आरोप है कि ये गोपनीय संदेश अमेरिकी सैनिक ब्रेडले मैनिंग ने ही चुराए और विकीलीक्स वेबसाइट के संस्थापक जूलियन असांजे (तस्वीर में) को सौंप दिए।
इतिहास में खुफिया जानकारियों का इतना बड़ा खुलासा इससे पहले कभी नहीं हुआ था। इन गोपनीय दस्तावेजों को समटने वाले टेक्सट फाइल की साइज 1.6 गीगाबाइट है। यह फाइल पहले एक सीडी में थी जिसके कवर पर मशहूर पॉप सिंगर लेडी गागा की तस्वीर थी। इससे ऐसा लगता है कि यह लेडी गागा के किसी एल्बम की सीडी है। बाद में इसे एक मेमोरी स्टिक में ट्रांसफर किया गया। यह स्टिक इतना छोटा था कि इसे चाबी के छल्ले में आसानी से लटका कर चला जा सकता है।
आने वाले दिनों में इस दस्तावेजों के सार्वजनिक होने से और बड़े खुलासे सामने आएंगे। दुनिया की सबसे बड़ी शक्ति अमेरिका की सहयोगी और दुश्मन देशों के प्रति क्या नीति है, एक-एक कर परतें खुल रही हैं। विकीलीक्स की ओर से दुनियाभर के 250 से अधिक देशों में स्थित अमेरिकी दूतावासों की 251287 फाइलें सार्वजनिक की जा रही हैं जो अमेरिकी प्रशासन को भेजी गई थीं। इन फाइलों पर लिखा था कि इन्हें गैर-अमेरिकी नागरिकों को किसी भी सूरत में नहीं दिखाना है।




