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Daltonganj, 27 NOVEMBER : जिले में चतुर्थवर्गीय पदों पर नियुक्ति मामले में हुई गड़बड़ी के बाद की जा रही कार्रवाई के दौरान हर दिन नये खुलासे हो रहे हैं. इससे यह मामला काफी गरमा गया है. वहीं इस मामले में परीक्षा देने वालों के अलावा अन्य युवाओं ने एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया है और उच्च न्यायालय में चुनौती दी है.
हाइकोर्ट में पहुंचा मामला
पलामू जिले में चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों की नियुक्ति में हुई गड़बड़ी का मामला अब झारखंड हाईकोर्ट पहुंच गया है. युवा पलामू संगठन ने इस मामले को लेकर अपना अनशन भी स्थगित कर दिया है. साथ ही संगठन के पदाधिकारियों ने कहा है कि उन्हें अदालत पर पूरा भरोसा है और अदालत का फैसला आने के बाद आगे की रणनीति तय की जायेगी.
केवल परीक्षार्थियों को जेल, पदाधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं
युवा पलामू के राकेश तिवारी, राहुल दुबे, कमलेश पांडेय, मोनू सिंह, विकास दुबे, मनोज कुमार ठाकुर, उमेश कुमार, राकेश रंजन तिवारी, संतोष पांडेय, विनय पांडेय, सुरेन्द्र कुमार, रौशन पाल, सोहन प्रसाद, लव कुमार तिवारी, सत्येन्द्र चौधरी, सुधीर तिवारी, अशोक कुमार, वरूण आनंद प्रसाद, राजू रंजन पांडेय, सुदेश्वर राम ने कहा कि, चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों की नियुक्ति परीक्षा में हुई गड़बड़ी के बारे में हर दिन नये-नये खुलासे हो रहे हैं. लेकिन अब भी केवल परीक्षार्थी ही सलाखों के पीछे है. जबकि गड़बड़ी में शामिल पदाधिकारियों तक प्रशासन का हाथ नहीं पहुंचना कई सवालों को जन्म देता है.
केस की जांच सीआईडी को सौंपा जाये
वहीं मामला काफी गरमाने के बाद नियुक्ति में गड़बड़ी मामले की जांच सीआईडी को सौंप दी गयी है. सीआईडी ने
इसकी जांच शुरू कर दी है. हालांकि सीआईडी जांच पर भी परीक्षार्थियों को भरोसा नहीं है.




