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पलामू : परिवहन विभाग की लापरवाही से नहीं हो रहा वाहनों का रजिस्ट्रेशन, सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान

Daltonganj : पलामू में परिवहन विभाग की घोर लापरवाही से सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है. वाहनों का रजिस्ट्रेशन कई महीनों से नहीं किया जा रहा है और परिणाम स्वरूप लोगों का बीमा भी फेल हो जा रहा है. जिससे सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है.

उक्त आरोप बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर पलामू चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष आनंद शंकर ने लगाए. श्री शंकर ने कहा कि परिवहन विभाग की समूची व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है. पलामू जिले में ही कम से कम पांच हजार वाहनों का रजिस्ट्रेशन लंबित है और इसका भारी खामियाजा वाहन मालिकों को भुगतना पड़ रहा है, क्योंकि उनके वाहनों का इंश्योरेंस भी, रजिस्ट्रेशन के अभाव में फेल कर गया है. इतना ही नहीं किसी भी दुर्घटना में उनको क्लेम भी नहीं मिल पा रहा है.

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डीटीओ का जवाब संतोषजनक नहीं  

श्री शंकर ने बताया कि इस संबंध में जब जिला परिवहन पदाधिकारी से जानकारी ली गई तो उनका दो टूक जवाब था कि विभाग का कम्प्यूटर सिस्टम फेल है. चैंबर अध्यक्ष ने कहा कि कम्प्यूटर या ऑन लाईन सिस्टम फेल होना तो एक बहाना है. जानकारी तो यह भी है कि परिवहन विभाग में मानवशक्ति (मैन पावर) का घोर अभाव है. 

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अदालत में मामले को ले जाने की चेतावनी 

श्री शंकर ने कहा कि मुख्य पथों पर जहां-तहां वाहनों की चेकिंग तथा यातायात सुरक्षा जागरुकता अभियान में डीटीओ अपना समय काट रहे हैं. उनको वाहन मालिकों की कोई चिंता नहीं है. सरकार को सबसे ज्यादा राजस्व देने वाले विभाग की दुर्दशा देखकर लगता है कि परिवहन मंत्रालय भी जानबूझ कर चुप्पी साधे हुए है. चैंबर अध्यक्ष ने कहा कि अगर इसमें जल्द सुधार नहीं किया गया तो कई उपभोक्ता अदालत में जाने को बाध्य होंगे तथा पलामू चैंबर भी उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रहा है. 

उन्होंने आरोप लगाया कि एक एमवीआई है और उसके पास सात जिलों का प्रभार है. इस परिस्थिति में लोगों का क्या भला हो सकता है. सरकार यथाशीघ्र इस पर ध्यान दे और परिवहन विभाग की व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करे अन्यथा बाध्य होकर जनहित याचिका दायर की जाएगी. विभाग 15 दिनों में अपने रवैये में सुधार करे.

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