News Wing
Nawamudi, 8 October: सारंडा के कुख्यात नक्सली संदीप दा ने लगभग दो साल के बाद झारखंड में जन अदालत लगा कर पुलिस मुखबिरी के आरोप में दो ग्रामीणों की गोली मारकर हत्या कर दी. नक्सली ने यह जन अदालत पांच अक्टूबर को जेटेया थाना क्षेत्र के हमसदा गांव स्थित बिंदीसायी टोला में लगाया.
दो को मारा गोली, एक भागने में सफल
नक्सलियों ने जनअदालत में हमसदा गांव के रहने वाले बामिया सिरका उर्फ चोड़े सिरका और सोनाराम सिरका की हत्या कर दी. वहीं एक दूसरा ग्रामीण कुलू सिरका नक्सलियों को चकमा देकर जनअदालत से भागने में सफल रहा.
क्या है घटना
घटना के बारे में बता दें कि नक्सली उक्त गांव पहुंचे और वहां जन अदालत लगायी. जन अदालत में सबसे पहले कुलू सिरका नाम के ग्रामीण को पकड़ कर लाया गया और पुलिस मुखबिरी का उसपर आरोप लगाया गया. साथ में उसे मौत की सजा सुनायी गयी. उसके साथ अन्य दो लोगों पर भी पुलिस मुखबिरी का आरोप लगाते हुए मौत की सजा सुनायी गयी. उस वक्त दोनों जनअदालत में मौजूद नहीं थे. फैसले के बाद उन्हें पकड़ कर लाने के लिए पांच नक्सली कुलू के साथ गये. कुलू ने उन दोनों का घर नक्सलियों को दिखा दिया. जिसके बाद नक्सली उन्हें पकड़ने गए लेकिन तब तक कुलू मौके का फायदा उठाते हुए फरार हो गया. इधर, जन अदालत में लाने के बाद नक्सलियों ने एसएलआर से बामिया की नकपट्टी, छाती व जांघ में तीन गोली दागी, जबकि सोनाराम की छाती पर एके 47 की एक गोली दाग कर मौत के घाट उतार दिया.
नक्सलियों ने कहा सबूत मिटा दो
जन अदालत में दो लोगों को मारने के बाद नक्सलियों ने ग्रामीणों से कहा कि सभी सबूत मिटा कर शवों को चुपचाप जला दिया जाए. ग्रामीण नक्सलियों के डर से बिना पुलिस को इसकी जानकारी दिये शव को जला दिया. लेकिन इस बात की जानकारी जेटेया थाना प्रभारी सुरेंद्र यादव को हुयी और वो फोर्स के साथ शनिवार को हमसदा गांव पहुंचे. शवों को लाने के लिए पुलिस कैंपर गाड़ी भी अपने साथ ले गयी थी. लेकिन वहां जाकर पता चला कि शवों को जलाया जा चुका है. मृतकों के परिजनों को जेटेया थाने लाकर उनकी शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है. वहीं पुलिस ने घटनास्थल से गोली के चार खोखे बरामद किया है.




