– नागरिक विमानन राज्य मंत्री का राज्य सभा सांसद परिमल नथवाणी को उत्तर –
नवंबर: झारखंड के देवघर में 306.8 एकड भूमि पर नया हवाई अड्डा बनाने की सरकार की योजना है। इसके लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये गए हैं। केन्द्रीय नागरिक विमानन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने मंगलवार (22 नवंबर, 2016) को राज्य सभा सांसद परिमल नथवाणी के प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी।
मंत्री ने उन्हें बताया कि विमानपत्तन स्थापित करने के लिए झारखण्ड सरकार ने 603.8 एकड भूमि संपादन की कार्यवाही शुरू कर दी है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार के साथ संयुक्त साहस स्थापित करने का भी प्रस्ताव है। सरकार को पिछले तीन सालों में 15 राज्य सरकारों से विमानपत्तनों और हैलीपैडों के आधुनिकीकरण के साथ साथ स्तरोन्नयन के लिए 31 प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। मंत्री ने यह भी बताया कि हवाईअड्डे का विकास राज्य सरकार द्वारा सभी ऋणभारों से मुक्त निःशुल्क भूमि की उपलब्धता, यातायात मांग तथा जहां लागू हो, बजटीय सहायता पर निर्भर करता है।
श्री नथवाणी जानना चाहते थे कि देश में कार्यशील महानगरीय और गैर-महानगरीय विमानपत्तनों की संख्या कितनी है, पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशीप (पी.पी.पी) मोड पर महानगरीय और गैर-महानगरीय विमानपत्तनों का आधुनिकीकरण करने का कोई प्रस्ताव है, विभिन्न राज्यों से विमानपत्तनों और हैलीपैडों के आधुनिकीकरण/स्तरोन्नयन के कितने प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और विभिन्न विमानपत्तनों का स्तरोन्नयन करने के लिए सरकार ने अन्य क्या-क्या कदम उठाए है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि देश में विमानपत्तन प्राधिकरण के स्वामित्व में 125 हवाईअड्डे और सिविल एंक्लेव हैं। उनमें से 94 हवाईअड्डे/सिविल एंक्लेव प्रचालनिक हैं, उन्होंने यह भी कहा कि पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशीप (पी.पी.पी) मोड पर महानगरीय और गैर-महानगरीय विमानपत्तनों का आधुनिकीकरण करने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
मंत्री ने यह भी बताया कि हवाईअड्डों का स्तरोन्नयन/विस्तार एक सतत प्रक्रिया है, जो भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण द्वारा भूमि की उपलब्धता, वाणिज्यिक व्यवहार्यता, यातायात मांग, तकनीकी साध्यता आदि के आधार पर समय-समय पर की जाती है।
(प्रेस विज्ञप्ति)




