Saurabh Shukla
Ranchi, 06 September : दुर्गा पूजा का इंतजार हम सब को बेसब्री से रहता है. खास कर युवाओं में दुर्गा पूजा को लेकर काफी उत्साह रहता है. आश्विन महीने में होने वाली दुर्गा पूजा की तैयारियां लगभग दो से तीन महीने पहले शुरू कर दी जाती है. लगभग तीन-चार माह पहले से ही शिल्हकार मूर्तियां बनाने में जुट जाते हैं वहीं पूजा पंडालों का काम भी इसी समय शुरू हो जाता है. बाजारों में दुकाने कपड़े, गहने, और खिलौनों से सजने लगती हैं.
19 सितंबर से शुरू है पूजा दुर्गा
को शक्ति की देवी कहा गया है. बंगाल में मुख्य पर्व के रूप में मनाने वाला दुग्रा पूजा इस वर्ष 19 से 30 सितंबर तक मनाया जाएगा. 19 सितंबर को महाल्या के साथ पूजा शुरू होगी वहीं 30 सितंबर को विजयादशमी पर इसका समापन होगा. भारतवर्ष में यह पूजा हर धर्म और समुदाय के लोग मनाते हैं. सभी को इस त्योहार का इंतजार बेसब्री से रहता है.
रांची के युवाओं में खासा उतसाह
दुर्गा पूजा को की तैयारियों को लेकर रांची के युवाओं में खासा उत्साह है. साल भर बाद आने वाली इस पूजा की प्लानिंग युवाओं के मन में अबी से चल रही है. कोई कपड़ों की खरीदारी के लिए सोंच रहा है तो कोई ज्वेलरी के लिए पैसे जमा कर रहा है. जात-पात और सम्प्रदाय से परे केवल त्योहार का आनंद उठाने के लिए सभी आतुर हैं.
आशिफ को मोहित करती हैं मां की प्रतिमा केवल हिन्दू ही नहीं मुस्लिम युवाओं में भी पूजा को लेकर उत्साह चरम पर है. मुस्लिम परिवार से ताल्लुक रखने वाले आशिफ ने बताया कि पूजा को लेकर काफी उत्सुक हैं. दोस्तों के साथ रांची के विभिन्न पूजा पंडालों में घूमना और मूर्तिकार द्वारा निर्मित कलाकृतियां और मां दुर्गा की प्रतिमा इन्हे मोहित करती हैं.
निवेदिता पहनती हैं नये-नये कपड़े
बंगाली परिवार से आने वाली निवेदिता चटर्जी के लिए दुर्गा पूजा बहुत महत्वपूर्ण है. दस दिन के पूजा के दौरान नये-नये कपड़े पहनना और स्वादिष्ट व्यंजन खाना निवेदिता को काफी पसंद है. वहीं अलोक को पारंपरिक ड्रेस पयजामा-कुर्ता इन्हे काफी आकर्षित करता है.




