News Wing
Mumbai, 17 November : केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) ने संजय लीला भंसाली निर्देशित ‘पद्मावती’ को फिल्मकारों के पास वापस भेज दिया है क्योंकि प्रमाणन के लिये आवेदन ‘‘अधूरा’’ था. सीबीएफसी के अनुसार मुद्दा सुलझाने के बाद बोर्ड के पास फिल्म भेजे जाने पर तय मानदंडों के मुताबिक एक बार फिर इसकी समीक्षा की जायेगी. गौरतलब है कि फिल्म को लेकर कई राजपूत समूह विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.
सीबीएफसी में एक सूत्र ने भाषा से कहा, ‘‘प्रमाणन के लिये फिल्म को पिछले सप्ताह भेजा गया था. जैसा कि आमतौर पर करते हैं, हमने दस्तावेजों की जांच की. फिल्मकारों को यह बता दिया गया है कि उनका आवेदन अधूरा है. उन्हें इसे दूर करना होगा और फिर इसे ठीक कर वापस भेजना होगा, जिसके बाद हम उसे फिर से देखेंगे.’’ सूत्र ने बताया, ‘‘कमियों को ठीक करने के बाद जब वे (फिल्मकार) हमारे पास इसे भेजेंगे तो हम एक बार इसकी जांच करेंगे और फिल्म के लिये प्रमाणन की बारी आने पर इसकी भी जांच जायेगी.’’ बहरहाल किस आधार पर ‘‘आवेदन में कमी’’ निकाली गयी जिसके कारण इसे संशोधन के लिये फिल्मकारों को वापस भेजा गया, इस बारे में सूत्र ने विस्तृत जानकारी देने से इनकार कर दिया.
फिल्म की स्क्रीनिंग की तारीख के बारे में पूछे जाने पर सूत्र ने बताया, ‘‘हमारे पास एक बार फिल्म आ जाये फिर इसे देखने के बाद हम निर्णय लेंगे. कोई अपवाद (‘पद्मावती’ मामले में) नहीं होगा.’’ वायकॉम 18 मोशन पिक्चर्स के सीओओ अजित एंधेरे ने इन रिपोर्ट की पुष्टि की. उन्होंने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘‘यह सच है. लेकिन सीबीएफसी के साथ फिल्म का कुछ मामूली तकनीकी मुद्दा है. फिल्म देखने से उन्हें कोई नहीं रोक सकता.’’




