
Ranchi : माकपा ने डीबीटी योजना और स्थानीय नीति को लेकर बुधवार को राजभवन के समक्ष सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया. इस मौके पर झारखंड के विभिन्न जिलों आये प्रदर्शनकारियों ने सरकार से डीबीटी योजना को रद्द किये जाने की मांग की. ग्रामीणों को संबोधित करते हुए माकपा के जिला सचिव सुखनाथ लोहरा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने कई आदेशों में हर जगह आधार कार्ड की अनिवार्यता खत्म करने का निर्देश दिया है, लेकिन झारखंड में बिना आधार के गरीबों को राशन तक से वंचित किया जा रहा है. राज्य में राशन नहीं मिलने से मौतें हो रही है. राज्य की 40 फीसदी जनता के पास राशन कार्ड नहीं है. उन्होंने कहा कि आधार से नहीं जुड़े होने के कारण 11.5 लाख लोगों के राशन कार्ड रद्द कर दिये गये. उन्होंने, पीडीएस में डीबीटी योजना और स्थानीय नीति को अविलंब रद्द किये जाने की मांग की.
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मांग पत्र सौंपा
माकापा जिला इकाई के बैनर तले भारी तादाद में पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने डीसी के नाम मांग पत्र भी सौंपा. जिसमें किसानों का कर्ज माफ करने, लागत का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य देने, किसानों को खाद-बीज देने में डीबीटी योजना रद्द करने, जाति, आवासीय और आय प्रमाण पत्र 15 दिनों में देने, सभी पंचायतों में सरकारी पशु क्रय केंद्र खोलने, पशु कारोबारियों और किसानों को पुलिस की अवैध वसूली और कथित गोरक्षकों से सुरक्षा की गारंटी देने समेत कई मांग की गयी है. प्रदर्शन में वीणा लिंडा, रंगोवती देवी, पुष्पा तिर्की, प्रफुल्ल लिंडा, वीरेंद्र कुमार, सुभाष मुंडा, सुरेश मुंडा, प्रकाश टोप्पो, अमित मुंडा, घासी राम मुंडा, विश्वदेव सिंह मुंडा, अरुण महतो और रामधन महतो समेत सैकड़ों नेता-कार्यकर्ता शामिल हुए.
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