रांची: काजू के क्षेत्र विस्तार को गति देने हेतु झारखण्ड सरकार, कृषि एवं गन्ना विकास विभाग, के सचिव डा नितिन मदन कुलकर्णी के निर्देशन में डा प्रभाकर सिंह (निदेशक, उद्यान एवं झारखण्ड राज्य बागवानी मिशन) के नेतृृत्व में गैर पारम्परिक राज्यों में काजू की खेती की संभावनाओं की तलाश कर इसके प्रति लोगों की जागरूकता एवं विभिन्न पहलुओं की जानकारी हेतु राज्य में पहली बार 20-21 नवम्बर 2013 को दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन झारखण्ड राज्य बागवानी मिशन, उद्यान निदेशालय एवं काजू एवं कोकोआ विकास निदेशालय, भारत सरकार के संयुक्त तत्वाधान में होटल हॉली डे होम, कांके रोड, रांची में आयोजित हैं। कार्यक्रम का उदघाटन पूर्वाहन 10:30 में श्री योगेन्द्र साव, माननीय मंत्री, कृषि एवं गन्ना विकास विभाग, झारखण्ड करेंगें।
कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से वक्ता एवं कृषक भाग लेंगें। श्री वेंकटेश एन हुब्बली निदेशक, काजू एवं कोको निदेशालय, कोच्ची, केरल द्वारा गैर पारम्परिक राज्यों में काजू के विकास पद्धति विषय पर अपना वक्तव्य देंगें। कार्यक्रम में डी बालासुब्रम्णयम प्रधान वैज्ञानिक, डी सी आर, पुटुर द्वारा काजू के शोध एवं विकास पर परिचर्चा में भाग लेंगें। डा एस जीवा, प्रोफेसर, (उद्यान), आरआरएस, वृन्धाचलम द्वारा काजू के उत्पादन में गुणवत्तापूर्ण पौधों पर परिचर्चा करेंगें। डा एन यदुकुमार, सेवा निवृत प्रधान वैज्ञानिक, डीसीआर, पुटुर काजू फलबाग के जीर्णोद्धार पर अपना वक्तव्य देंगें।
उक्त कार्यक्रम में निदेशक, राज्य बागवानी मिशन -सह- उद्यान, डा प्रभाकर सिंह, द्वारा झारखण्ड में काजू के विकास की संभावनाओं पर परिचर्चा करेंगें। श्री सहल हसन मुसालीर, अध्यक्ष, सीइपीसीआइ, कोलाम द्वारा भारत में काजू उद्योग के संघर्ष पर चर्चा करेंगें।
सीआइएसएच, लखनऊ के सेवा निवृत निदेशक, डा आर के पाठक सहित कार्यक्रम में देश के जाने माने वैज्ञानिक एवं काजू के उन्नत कृषक भी भाग लेंगें। यह परिचर्चा दो दिनों तक चलेगी।




