
झारखंड हाईकोर्ट निर्माण टेंडर में गड़बड़ी- पार्ट 3
Ranchi: किसी भी बड़े काम को सरकार टेंडर के माध्यम से कराती है. टेंडर प्रक्रिया का अपना एक नियम होता है. काम उसी कंपनी को मिलता है जो टेंडर प्रक्रिया के दौरान सभी शर्तों पर खरी उतरती है. साथ ही सबसे सस्ती दर पर काम कराना सुनिश्चित कराती है. लेकिन सिर्फ काम लेने के लिए एल वन (Lower one) हो जाना और बाद में काम करने के दौरान 2900 फीसदी तक रेट हाई कर काम करना किस बात की ओर इशारा करता है. यही हो रहा है झारखंड हाई कोर्ट के नये भवन निर्माण कार्य में. एल वन होने के बाद जब M/s RKC Construction ने काम करना शुरू किया था तो सरकार की तरफ से करीब 265 करोड़ में काम करने की बात थी. लेकिन जिस तरह से हर चीज का रेट कंपनी बढ़ा कर विभाग से पेमेंट करा रही है, उससे भवन निर्माण का काम पूरा होते होते बजट 600 करोड़ से भी ज्यादा हो जायेगा.
क्या रेट था और किस रेट पर काम कर रही है कंपनी

जिस तरह से कंपनी हर काम का रेट बढ़ा रही है, उससे टेंडर प्रक्रिया और एल वन होने पर ही सवाल उठ रहे हैं. गौर करने वाली बात यह है कि आखिर इतना फर्क दो साल के दरम्यां किसी काम को लेकर कैसे हो सकता है. सवाल यह भी उठता है कि क्या कंपनी को पता था कि काम मिलने के बाद वो जैसे चाहेगी रेट बढ़ा सकती है!
– Earth work in excavation in foundation trenches के लिए कंपनी ने जो दर तय की थी, उसमें 57 फीसदी की वृद्धि हुई.
– Providing Coarse clean Sand Filling के लिए कंपनी ने जो दर तय की थी, उसमें करीब 68 फीसदी की वृद्धि हुई.
– Providing and laying in position Ready Mixed के लिए कंपनी ने जो दर तय की थी, उसमें करीब 1122.45 फीसदी की वृद्धि हुई.
– Providing and laying in position Ready Mixed के लिए कंपनी ने जो दर तय की थी, उसमें करीब 2890.17 फीसदी की वृद्धि हुई.
– Centering and shuttering के तीन काम के लिए कंपनी ने जो दर तय की थी, उसमें करीब 726.99, 464.76 और 73375.66 फीसदी की वृद्धि हुई.
– Providing and fixing Chlorinated pipes (25 mm) के लिए कंपनी ने जो दर तय की थी, उसमें करीब 244.87 फीसदी की वृद्धि हुई. 40mm में 1174.17 फीसदी की बढ़ोतरी हुई.
– Providing and fixing Gun metal के लिए कंपनी ने जो दर तय की थी, उसमें करीब 1100 फीसदी की वृद्धि हुई.
– Supplying of down lighter type light के लिए कंपनी ने जो दर तय की थी, उसमें करीब 890 फीसदी की वृद्धि हुई.
इसे भी पढ़ें – अजब प्यार की गजब कहानी : पहली मुलाकात में प्यार, दूसरी में शादी, तीसरे में ब्लैकमेलिंग व बेटी का अपहरण और खूंटी पुलिस खामोश !
70 फीसदी बढ़ चुका है बजट और

झारखंड हाईकोर्ट बनाने के लिए जो बजट एल वन आने पर तय हुआ था, उससे 70 फीसदी बजट बढ़ चुका है. वहीं भवन निर्माण का काम अभी तक पूरा नहीं हुआ है. यह तय भी नहीं है कि काम कब तक पूरा होगा. कंपनी ने काम लेते वक्त जो करार किया था, उसमें साफ कहा गया था कि 17 दिसंबर 2017 तक काम पूरा कर लिया जाएगा, लेकिन काम के बाद 30 महीने से ज्यादा हो गये. काम पूरा नहीं हुआ है. मई 2017 तक कंपनी को करीब 141 करोड़ रुपए मिल चुके थे.
कल पढ़ें : विवादों से नाता रहा है M/s RKC Construction कंपनी का
न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.




