रांची : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने यौन शोषण के आरोपी कैरो (लोहरदगा) के तत्कालीन प्रखण्ड विकास पदाधिकारी विजय केरकेट्टा को निलंबित करते हुए विभागीय कार्यवाही चलाने का आदेश दिया है। श्री केरकेट्टा अभी फरार चल रहे हैं और उनके विरूद्ध लोहरदगा महिला थाना में मामला दर्ज है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि ऐसे काम से सरकार की छवि धूमिल होती है। सरकारी सेवकों से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने आचरण से समाज के समक्ष आदर्श प्रस्तुत करें।
यहां बताते चलें कि जून, 2013 में जाति प्रमाण-पत्र एवं आय प्रमाण-पत्र बनवाने आयी एक महिला ने उनपर साथ शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने का आरोप लगाया था।
इधर, मुख्यमंत्री ने झारखंड प्रशासनिक सेवा के पदाधिकारी (गढ़वा के सम्प्रति उप विकास आयुक्त) उमा शंकर प्रसाद को निलंबित करते हुए विभागीय कार्यवाही चलाने का आदेश दिया है। श्री प्रसाद के विरूद्ध हजारीबाग जिला परिवहन पदाधिकारी के पद पर रहने के दौरान पद का दुरूपयोग करते हुए ड्राइविंग लाइसेंस, स्मार्टकार्ड, वाहन रजिस्ट्रेशन एवं वाहन टैक्स इत्यादि में सरकार द्वारा निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूलने में हजारीबाग जिला परिवहन कार्यालय के कर्मियों को सहयोग करने एवं कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार में शामिल होने का आरोप है।
श्री प्रसाद को 23 मार्च 2015 को हिरासत में लिया गया था। इसी समय से उन्हें निलंबित किया गया है। उच्च न्यायालय से जमानत मिलने के बाद उन्होंने विभाग में योगदान करने के लिए आवेदन दिया है। जारी विज्ञप्ति के मुताबिक निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय हजारीबाग स्थित उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडलीय आयुक्त का कार्यालय रहेगा और निलंबन अवधि में उन्हें मात्र जीवन निर्वाह भत्ता दिया जायेगा।




