जोहांसबर्ग: दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वांडर्स स्टेडियम में गुरुवार को जारी पहले टेस्ट मैच के दूसरे दिन भारत की पहली पारी 280 रनों पर सिमट गई। मैच के दूसरे दिन भारत सिर्फ 13 ओवर खेल सका। इन 13 ओवरों में भारत ने अपने शेष पांचों विकेट गंवा दिए। मैच के दूसरे दिन खेलने उतरे कप्तान महेंद्र सिंह धौनी (19) अपने स्कोर में सिर्फ दो रनों का इजाफा कर सके। धौनी को विकेट के पीछे कैच कराकर मोर्ने मोर्केल ने दिन का पहला विकेट चटकाया। धौनी के जाने के बाद जैसे विकेटों की झड़ी लग गई।
अजिंक्य रहाणे (47) भी अपने पहले दिन के स्कोर में सिर्फ चार रन जोड़कर वेर्नोन फिलेंडर के शिकार हो गए। फिलेंडर ने अगली ही गेंद पर जहीर खान को भी शून्य के निजी योग पर पवेलियन लौटा दिया।
इशांत शर्मा और मोहम्मद समी भी बिना खाता खोले ही पवेलियन लौट गए।
इससे पहले मैच के पहले दिन भारतीय टीम ने विराट कोहली (119) की संघर्षपूर्ण शतकीय पारी की बदौलत पांच विकेट पर 255 रन बनाए थे।
मैच के पहले दिन भारत ने पहले और दूसरे सत्र में दो-दो विकेट गंवाए, जबकि 35 ओवर के सबसे लंबे आखिरी सत्र में एक विकेट गंवाया। शतकवीर कोहली 219 के कुल योग पर आउट होने वाले आखिरी बल्लेबाज थे। कोहली ने अपनी 181 गेंदों की पारी में 18 चौके लगाए। कोहली ने अपने 21वें टेस्ट में पांचवा शतक लगाया, और कोहली के टेस्ट करियर का यह सर्वोच्च स्कोर भी है।
भारतीय टीम की शुरुआत बेहद धीमी रही थी और भारतीय सलामी बल्लेबाज मुरली विजय (6) और शिखर धवन (13) रन बनाने के लिए जूझते नजर आए। धवन तथा विजय के रूप में भारत को क्रमश: 17 और 24 रनों के कुल योग पर जल्द ही दो विकेट गंवाने पड़े। विजय ने छह रन बनाने के लिए 42 गेंदों का सामना किया।
तीसरे विकेट के लिए चेतेश्वर पुजारा (25) और कोहली ने 89 रनों की साझेदारी कर टीम को संभालने की भरसक कोशिश की। 113 के कुल योग पर रन आउट होने से पहले पुजारा ने 98 गेंदों का सामना कर दो चौके लगाए।
इसके बाद बल्लेबाज करने आए रोहित शर्मा (14) भी ज्यादा देर टिक नहीं सके। रोहित को फिलेंडर की गेंद पर अब्राहम डिविलियर्स ने विकेट के पीछे लपक लिया।
कोहली ने इसके बाद रहाणे के साथ पांचवें विकेट के लिए 68 रनों की साझेदारी कर एकबार फिर भारत को स्थायित्व देने की कोशिश की, लेकिन शतक बनाने के बाद कोहली भी ज्यादा देर नहीं टिक सके और जैक्स कालिस की गेंद पर जेपी ड्यूमिनी को कैच थमा बैठे।
इसके बाद छठे विकेट के धौनी और रहाणे ने संभलकर खेलना शुरू किया और बुधवार को पहले दिन 36 रनों की नाबाद साझेदारी कर ली, लेकिन गुरुवार को यह साझेदारी जल्द ही टूट गई, जिसके बाद भारतीय पारी को धराशायी होने में जरा भी देर नहीं लगी।
दक्षिण अफ्रीका की तरफ से वेर्नोन फिलेंडर ने चार और मोर्केल ने तीन विकेट चटकाए। मोर्केल ने बेहद कसी हुई गेंदबाजी करते हुए 23 ओवरों में 1.47 के औसत से सिर्फ 34 रन दिए।
इससे पहले 0-2 से एकदिवसीय श्रृंखला गंवा चुकी भारतीय टीम दक्षिण अफ्रीकी धरती पर दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों का सामना करने में लगभग असहाय नजर आई, जिसके कारण भारतीय टीम बेहद मानसिक दबाव से गुजर रही है।




