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जानिये कैसे प्रेम जाल में फंसकर माओवादी मिलिट्री गुरिल्ला आर्मी का सदस्य बना एक मामूली दस्ता सदस्य

Latehar : प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी के मिलिट्री कमीशन सदस्य सह एक करोड़ का इनामी झारखण्ड और छत्तीसगढ़ का कुख्यात नक्सली बिरसाय जी को उनके ही साथियों ने पार्टी के सभी पदों से हटाकर मामूली दस्ता सदस्य बना दिया है. बिरसाय जी माओवादी के पीपुल्स लिब्रेशन गुरिल्ला आर्मी की कम्पनी को निर्देश देता था, आज उसी कम्पनी में मामूली दस्ता सदस्य बन कर निर्देश का अनुपालन कर रहा है.

Manoj Dutt Dev

Latehar : प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी के मिलिट्री कमीशन सदस्य सह एक करोड़ का इनामी झारखण्ड और छत्तीसगढ़ का कुख्यात नक्सली बिरसाय जी को उनके ही साथियों ने पार्टी के सभी पदों से हटाकर मामूली दस्ता सदस्य बना दिया है. बिरसाय जी माओवादी के पीपुल्स लिब्रेशन गुरिल्ला आर्मी की कम्पनी को निर्देश देता था, आज उसी कम्पनी में मामूली दस्ता सदस्य बन कर निर्देश का अनुपालन कर रहा है.

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प्रेम जाल में फंसकर बिरसाय जी ने गंवाया अपना ओहदा

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 48 वर्षीय मिलिट्री कमीशन सदस्य बिरसाय जी छत्तीसगढ़ राज्य के बलरामपुर जिला के साबाग थाना क्षेत्र अन्तर्गत बुढा पहाड़ पर स्थित पुन्दाग ग्राम के एक आदिम जनजाति नाबालिक लड़की से दो वर्ष पूर्व प्रेम कर बैठा था और गत वर्ष फ़रवरी माह में नाबालिग ने एक नवजात को जन्म दिया. नवजात के जन्म लेते ही बिरसाय का कारनामा जंगल की आग की तरह फैल गयी, जिससे नक्सलियों का गढ़ माने जाने वाला बुढा पहाड़ क्षेत्र में माओवादी की बदनामी होने लगी. माओवादी के शीर्ष नेता ने सूचना पाते ही होली पर्व के दौरान बुढा पहाड़ के चुनचुना में ग्रामीणों के साथ एक बड़ी बैठक आयोजित की, जिसका नेतृत्व स्टेट कमेटी के प्रभाकर और अजय यादव जैसे शीर्षस्थ नक्सली नेता ने किया और शीर्ष माओवादी द्वारा नाबालिग से प्रेम कर उसे मां बनाने के आरोप में बिरसाय जी को दण्ड के रूप में पार्टी के सभी पदों से हटा कर मामूली दस्ता सदस्य बना दिया गया. सूत्रों कि मानें तो बिरसाय जी को केवल पार्टी के पद से हटाया गया है, पार्टी से निकाला नहीं गया है.

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जानिये कौन है एक करोड़ का इनामी बिरसाय जी

पीपुल्स लिब्रेशन गुरिल्ला आर्मी मिलिट्री कमीशन का सदस्य बिरसाय जी झारखण्ड राज्य के लातेहार जिला के चंदवा प्रखण्ड का रहने वाला है. माओवादी के कला जत्था दल से जुड़ कर बीस वर्षों की मेहनत के बाद उसे स्टेट कमेटी और मिलिट्री कमीशन का सदस्य सहित कई पद दिये गये. बिरसाय पर झारखण्ड और छत्तीसगढ़ राज्य सरकार द्वारा घोषित इनाम की राशि एक करोड़ से भी अधिक है. विगत सात-आठ वर्षों से बिरसाय जी झारखण्ड और छत्तीसगढ़ की सीमा पर स्थित बुढा पहाड़ को अपना शरण स्थली बना कर पार्टी के पीपुल्स लिब्रेशन गुरिल्ला आर्मी के लिए कार्य कर रहा था. वहीं झारखण्ड के गढ़वा और लातेहार जिला के सीमवर्ती इलाकों सहित छत्तीसगढ़ के सरगुजा इलाके में कई नक्सली घटनाओं को अंजाम दिया है. गत वर्ष छत्तीसगढ़ की सीमा पर लातेहार जिला के महुआडांड़ थाना अन्तर्गत कुकुटपाठ में आधा दर्जन बॉक्साइड लदे खड़े वाहनों को आग के हवाले किया था .

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झारखण्ड और छत्तीसगढ़ दो राज्य की पुलिस बिरसाय के पीछे लगी है  

पीएलजीए बिरसाय जी को पार्टी के पदों से हटाने, पार्टी से निकाले जाने की सूचना पर झारखण्ड और छत्तीसगढ़ दोनों राज्य की पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हैं. दोनों राज्य की पुलिस और सुरक्षा एजेंसी बिरसाय जी तक पहुंचना चाहती है और सरेंडर करवाने के प्रयास में लगी हुई है. बिरसाय जी के सरेंडर करने से माओवादियों को बड़ा झटका लगेगा और बुढा पहाड़ के जिन इलाको में आज तक पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां नहीं पहुंच सकी है, वहां बिरसाय जी की मदद से पहुंचने का प्रयास करेगी. पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के हाथ बिरसाय जी नहीं लगे इसे लेकर माओवादी भी चिंतित है. इसी आशंका को लेकर माओवादी बिरसाय जी को कड़ी सुरक्षा घेरे में साथ रखा है.

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