
Ranchi : रांची नगर निगम की लापरवाही की वजह से खेलगांव स्थित बकाइन टोली में रहने वाले लोग जहरीला पानी पीने को विवश हैं. इलाके में स्थित मिनी सब स्टेशन से निकलने वाले दूषित पानी का रिसाव भूजल में हो रहा है, जिससे वहां का पानी काफी जहरीला हो गया है. जबकि ठीक इसी तरह से एमटीएस के पीछे बने कुएं व स्थानीय पार्षद द्वारा कराये गये बोरिंग का पानी भी प्रदूषित हो गया है, जिससे बस्ती के लोगों को जहरीला पानी पीने को विवश होना पड़ रहा है. दूसरी ओर एमटीएस के पीछे की दीवार गिर जाने से बरसात का पानी भी इसी पानी के साथ मिलकर बस्ती में आ जाता है.
Nitesh ojha
Ranchi : रांची नगर निगम की लापरवाही की वजह से खेलगांव स्थित बकाइन टोली में रहने वाले लोग जहरीला पानी पीने को विवश हैं. इलाके में स्थित मिनी सब स्टेशन से निकलने वाले दूषित पानी का रिसाव भूजल में हो रहा है, जिससे वहां का पानी काफी जहरीला हो गया है. जबकि ठीक इसी तरह से एमटीएस के पीछे बने कुएं व स्थानीय पार्षद द्वारा कराये गये बोरिंग का पानी भी प्रदूषित हो गया है, जिससे बस्ती के लोगों को जहरीला पानी पीने को विवश होना पड़ रहा है. दूसरी ओर एमटीएस के पीछे की दीवार गिर जाने से बरसात का पानी भी इसी पानी के साथ मिलकर बस्ती में आ जाता है.
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कुएं का पानी बना जहरीला
बस्ती में रहने वाले लोगों ने इलाके के बीच एक कुआं खोदा था. इसी कुएं के पानी का उपयोग इलाके में रहने वाले लोग अपने कृषि कार्य व पशुओं को पिलाने के लिए करते थे. लेकिन आज एमटीएस से निकलने वाले जहरीले पानी की वजह से कुएं का पानी जहरीला हो गया है. हालांकि एमटीएस के पीछे पानी संग्रह करने की व्यवस्था भी निगम द्वारा की गयी है, लेकिन यही पानी जमीन में रिसकर आसपास के भूजल व कुंए को जहरीला बना रहा है. इससे मिट्टी की उर्वरता भी खत्म हो रही है. जिससे कृषि कार्य प्रभावित हो रहा है.
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फसल हो रहा प्रभावित, मर रहे हैं पशु
न्यूज विंग के रिपोर्टर नितेश ओझा ने इलाके में दूषित पानी एवं उसके प्रभाव की सत्यता का पता लगाने के लिए स्थानीय लोगों से बातचीत की. बस्ती में रहने वाली अनु देवी ने बताया कि एमटीएस के निर्माण के वक्त ही उन्होंने इसका विरोध किया था. लेकिन हुआ वही जिसका डर था. कचरे से निकलने वाले गंदे पानी के कारण भूमि के नीचे का पानी जहरीला होता जा रहा है और इसी पानी की वजह से हमारे खेत की उर्वरता खत्म हो रही है. साथ ही दूषित पानी पीने से हमारे पशुओं की भी मौत हो रही है. वहीं बस्ती के ही रहने वाले सुनील उरांव का कहना है कि पहले तो बोरिंग का पानी ठीक ही रहता था. लेकिन एमटीएस बनने के बाद से ही अब पानी काफी दुर्गंध देने लगी है. सुनील के मुताबिक एमटीएस के पीछे की दीवार गिरने की वजह से बरसात का पानी कचरे के पानी के साथ मिलकर घर में घुस रहा है.
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क्या कहती है वार्ड नंबर 7 की पार्षद सुजाता कच्छप
पूरे मामले की जानकारी जब वार्ड पार्षद सुजाता कच्छप से ली गयी, तो उनका कहना था कि निगम बोर्ड की बैठक में ही उन्होंने यहां का मुद्दा उठाया था. साथ ही कहा कि निगम से पानी में ब्लीचिंग पाउडर व अन्य कीटाणुनाशक डालने की मांग भी उन्होंने रखी थी. लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक दूषित जल के निदान के लिए कोई पहल नहीं की गयी है.
क्या कहा स्थानीय विधायक जीतू चरण राम ने
बकाइन टोली में दूषित पानी को लेकर जब स्थानीय विधायक जीतू चरण राम से बातचीत की गयी तो उनका कहना था कि वे जल्द ही निगम के अधिकारियों से बातचीत कर समस्या के निदान का प्रयास करेंगे. विधायक ने इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों से बातचीत कर एमटीएस के पीछे की दीवार को बनाने की बात भी कही.
रांची से हैं बाहर, आकर देखेंगे मामला : संजीव विजयवर्गीय
बोर्ड की बैठक में आये उक्त मामले तथा उस पर डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय द्वारा दिये गये निर्देश को पूरा नहीं हो पाने के सवाल पर उनका कहना था कि अभी वे रांची से बाहर हैं. जब वे रांची आएंगे तो ही पूरे मामले की जानकारी ले पाएंगे. हालांकि उन्होंने यह जरूर कहा कि बस्ती में रहने वाले लोगों को जो दिक्कत हो रही है, उसे जल्द ही दूर कर लिया जाएगा.
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