Uncategorized

बिहार में नीतीश होंगे एनडीए का चेहरा, सीट बंटवारे पर फंसा पेंच

Patna: हाल के दिनों में 14 उपचुनाव में बीजेपी को मिली हार का प्रभाव अब प्रदेश की सियासत पर भी पड़ने लगा है. राज्यों में एनडीए के घटक बीजेपी पर दबाव बनाने लगे हैं. बिहार में भी जोकीहाट सीट गंवाने के बाद जेडीयू ने प्रेशर पॉलिटिक्स शुरु की है. जेडीयू ने साफ कर दिया है कि बिहार में एनडीए के नेता नीतीश होंगे और पहले से पार्टी 25 सीटों पर लड़ती रही है. उधर, सुशील मोदी ने कहा है कि हम मोदी के नाम पर और नीतीश के काम पर वोट मांगेंगे, कौन कितने पर लड़ेगा, यह बैठकर तय करेंगे.

इसे भी पढ़ेंःसीतामढ़ीः संपत्ति विवाद में रिश्ते तार-तार, बेटे ने की पिता समेत चार की हत्या

जेडीयू ने खुद को लीड रोल में रखते हुए 25 सीटों पर दावा किया है, लेकिन इस खबर ने बिहार की गर्मी के साथ-साथ सियासी तपिश भी बढ़ा दी है. ऐसा इसलिए क्‍योंकि सूत्रों के हवाले से माना जा रहा है कि बीजेपी को भरोसे में लिए बिना मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी ने इस तरह की एकतरफा घोषणा कर दी है, जबकि सात जून को एनडीए के सभी घटक दलों की बैठक पटना में होने वाली है.

बिहार में नीतीश होंगे  एनडीए का चेहरा

2019 की तैयारी में हर पार्टी जुटी है. वही बिहार में भी पार्टियों ने कमर कस ली है. पार्टी के कई मसलों समेत आगे की रणनीति पर चर्चा करने के लिए रविवार को नीतीश कुमार ने पार्टी के शीर्ष पदाधिकारियों की बैठक बुलायी, जिसमें उन्होंने पार्टी महासचिव केसी त्यागी और पवन कुमार वर्मा के साथ करीब तीन घंटे तक आगामी रणनीति पर चर्चा की.  बैठक के बाद पवन कुमार वर्मा ने मीडिया के एक सवाल के जवाब में कहा कि अगर भाजपा और दूसरे घटक दल साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे तो बिहार में नीतीश कुमार के चेहरे पर और जदयू लीड पार्टी होगी.

नीतीश हमारे बड़े भाई-सुमो

बिहार के डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने कहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उनके बड़े भाई हैं. इसका मतलब ये है कि बिहार में गठबंधन में जेडीयू का रोल बड़ा होगा. उन्होंने कहा कि बिहार के लोग बीजेपी-जेडीयू और एलजेपी का गठबंधन चाहते हैं. सुशील मोदी ने कहा है कि हमारे बीच में कोई विवाद नहीं है. उन्होंने कहा कि जब दिल मिल गए तो सीट कौन सी बड़ी चीज है. हर चुनाव के अंदर कौन कितना लड़ेगा, नहीं लड़ेगा, ये सारा जिस दिन बैठेंगे, सारी चीजों का ऐलान हो जाएगा. साथ ही सुमो ने कहा कि देश के पीएम नरेंद्र मोदी हैं, लेकिन बिहार के नेता नीतीश कुमार हैं. इसलिए बिहार में जो वोट मिलेगा वह नरेंद्र मोदी के नाम पर और नीतीश कुमार के काम पर मिलेगा.

सात को जुटेंगे एनडीए के नेता

जेडीयू के ऐलान के बाद शुरु हुई सियासी सुगबुगहट के बीच सात जून को पटना के ज्ञान भवन में एनडीए के नेता भोज में जुटेंगे. इस भोज  का मकसद एनडीए की एकजुटता को कायम रखना बताया जा रहा है. इसमें जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव व बिहार भाजपा के प्रभारी भूपेंद्र यादव भी शामिल होंगे. इस कार्यक्रम की मेजबान भाजपा होगी.  इसमें एनडीए में शामिल चारों दल भाजपा, जदयू, रालोसपा और लोजपा के सभी सांसद, विधायक, विधान पार्षद व  पार्टी के प्रदेश पदाधिकारी, बिहार के सभी केंद्रीय मंत्री और राज्य सरकार के सभी मंत्री शामिल होंगे.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Back to top button