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कर्मचारियों का फूटा गुस्सा, कहा- आउटसोर्सिंग के नाम पर हो रहा है घोटाला

Ranchi : सोमवार को राज्य के कई विभागों के कर्मचारियों का आक्रोश सरकार के खिलाफ फूटा. झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के बैनर तले हजारों की संख्या में महिला-पुरुष कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारे लगाए. अपनी मांगों को लेकर सरकार को चेतावनी दी. कहा कि हमारी मांगे मानी जाए, अन्यथा राज्यभर में आंदोलन होगा. गौरतलब हो कि इन कर्मचारियों को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करना था, लेकिन प्रशासन ने इन्हें राजभवन के पास ही रोक दिया.

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54 संगठनों ने दिया धरना

महासंघ के बैनर तले राज्य के विभिन्न विभागों के 54 संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार शिक्षित लोगों को बेरोजगार बना रही है. महासंघ के प्रदेश महामंत्री अशोक कुमार सिंह ने कहा कि हर विभाग में आउटसोर्सिंग के माध्यम से बाहरी लोगों को भरा जा रहा है. आउटसोर्सिंग के बहाने बड़ा घोटाला किया जा रहा है. इसके ठेके में मंत्री विधायक के रिश्तेदार शामिल हैं. उन्होंने कहा कि जिस विभाग में पांच हज़ार कर्मचारी को काम करना चाहिए, वहां 10000 का वाउचर बनता है. लेकिन काम मात्र 1000 कर्मचारी से ही कराया जाता है. उन्होंने कहा कि जो कर्मचारी काम करते हैं उन्हें सही से मजदूरी नहीं मिलती है. नियमित कर्मचारियों को आवासीय भत्ता नहीं दिया जाता है. दैनिक कर्मचारियों को आज तक नियमित नहीं किया गया है.

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अनिश्चितकालीन हड़ताल

नियमित कर्मचारी, अनुबंध कर्मचारी, जल सहिया कर्मचारी आंगनबाड़ी, पंचायत सेवक संघ, राजस्व कर्मचारी आदि ने अपनी 11 सूत्री मांगों को लेकर कहा कि अगर हमारी मांगे नहीं मानी गयी तो ज़रूरत पड़ने पर राज्यभर में अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे.

ये है मांग

सातवें वेतन के अनुरूप संशोधित केंद्रीय आवास भत्ता, परिवहन भत्ता, पठारी भत्ता के अविलंब भुगतान किया जाये. पेंशन लागू किया जाए. अनुबंध कर्मचारियों को नियमित किया जाए आदि शामिल है.

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