
चाईबासा ट्रेजरी मामले में आज लालू यादव और जगन्नाथ मिश्रा दोनों को सीबीआई की विशेष अदालत ने दोषी करार दे दिया है. दोषी करार दिये जाने के बाद सीबीआई की विशेष कोर्ट ने लालू यादव को दो मामलों में पांच-पांच लाख का का जुर्माना सहित पांच साल की सजा सुनायी. जगन्नाथ मिश्र को भी पांच साल जेल और 5 लाख रुपये जुर्माना की सजा सुनाई गयी. सारी सजायें साथ-साथ चलेंगी और दोषी जो सजा पहले ही काट चुके हैं अथवा काट रहे हैं उन सजाओं का इसमें सेटलमेंट भी किया जायेगा.
Ranchi: चाईबासा ट्रेजरी मामले में आज लालू यादव और जगन्नाथ मिश्रा दोनों को सीबीआई की विशेष अदालत ने दोषी करार दे दिया है. दोषी करार दिये जाने के बाद सीबीआई की विशेष कोर्ट ने लालू यादव को दो मामलों में पांच-पांच लाख का जुर्माना सहित पांच साल की सजा सुनायी. जगन्नाथ मिश्र को भी पांच साल जेल और 5 लाख रुपये जुर्माना की सजा सुनाई गयी. सारी सजायें साथ-साथ चलेंगी और दोषी जो सजा पहले ही काट चुके हैं अथवा काट रहे हैं उन सजाओं का इसमें सेटलमेंट भी किया जायेगा. इससे पहले लालू देवघर ट्रेजरी केस और एक अन्य केस में दोषी करार दिए जा चुके हैं. खास बात ये है देवघर ट्रेजरी केस में जगन्नाथ मिश्र भी आरोपी थे, लेकिन तब उन्हें बरी कर दिया गया था. चारा घोटाला से जुड़े आरसी 68a/96 चाईबासा कोषागार मामले में 56 लोगों में से लालू समेत 50 आरोपियों को दोषी करार दिया गया है, जबकि 6 लोगों को कोर्ट ने आरोप से बरी कर दिया है.
रांची के सीबीआई के विशेष न्यायाधीश एसएस प्रसाद की अदालत में आज चाईबासा कोषागार मामले में निर्णय दिया गया है. चाईबासा कोषागार से साल 1992-93 में 33 करोड़ 13लाख 67हज़ार 534 रुपए की अवैध निकासी की गयी थी. इस मामले में सीबीआई की विशेष न्यायाधीश एस एस प्रसाद ने 10 जनवरी को मामले की सुनवाई पूरी कर ली थी. इस प्राथमिकी में सीबीआई ने कुल 76 लोगों को आरोपी बनाया था. सुनवाई के दौरान 14 आरोपियों की मौत हो गई. जबकि एक आरोपी फूल सिंह अभी भी फरार है.
जानें किन्हें मिली कितनी सजा
लालू यादव : दो मामलों में पांच-पांच लाख का जुर्माना, पांच साल जेल
जगन्नाथ मिश्र: पांच साल जेल, पांच लाख जुर्माना
जगदीश शर्मा : पांच साल जेल
ध्रुव भगत : तीन साल जेल
सुशील कुमार: तीन साल जेल, 50 हजार रूपये जुर्माना
मधु मेहता: तीन साल, पचास हजार जुर्माना
सिद्धार्थ कुमार: चार मामलों में तीन साल की सजा
निर्मल प्रसाद: तीन साल की सजा
इसमें कुछ दोषी महिलाओं को भी सजा दी गयी है जिसके तहत उन्हें तीन साल की सजा और 10 से 50 हजार तक का उनपर जुर्माना लगाया गया है. ये अपने बेल के लिए कोर्ट में अप्लाई कर सकती हैं. कुछ दोषी सप्लायरों को भी सजा दी गयी है और ये भी बेल के लिए याचिका दायर कर सकते हैं.
जानें क्या है मामला
– चाईबासा ट्रेजरी से 1992-93 में 33.67 करोड़ की अवैध निकासी हुई थी.
– कुल 76 आरोपी थे. सुनवाई के दौरान 14 आरोपियों का निधन हो गया.
– 1996 में केस दर्ज हुआ था.
– तीन आरोपी सरकारी गवाह बन गये.
– दो आरोपियों ने जुर्म कबूल लिया.
इस घोटाले में लालू यादव के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र, विद्यासागर निषाद, जगदीश शर्मा, ध्रुव भगत और आर के राणा के अलावा तीन पूर्व आईएएस अफसर फूलचंन्द्र सिंह, महेश प्रसाद, सजल चक्रवर्ती और एक ट्रेजरी अधिकारी आरोपी हैग. कुल 56 आरोपियों में 40 सप्लायर भी शामिल हैं.
जानें कोर्ट के फैसले के बाद क्या कहा तेजस्वी ने
इस फैसले के बाद बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने कहा कि सीबीआई कोर्ट के निर्णय के खिलाफ ऊपरी अदालत जाएंगे. उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद को जेल भेजने में सीएम नीतीश कुमार और बीजेपी का हाथ है. जनता सब समझ रही है और हमलोग जनता के बीच जाकर अपनी बात रखेंगे. सुनवाई के दौरान लालू के साथ कोर्ट परिसर में पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह, बिहार प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र पूर्वे, भोला यादव समेत कई विधायक मौजूद थे.




