
Bokaro: गोमिया उपचुनाव को लेकर तीनों पार्टियां रेस है, शहर से लेकर गांवों तक प्रचार और जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है. बीजेपी, जेएमएम और आजसू जनता को लुभाने के लिए हर जोर आजमाइश कर रही है. इस उपचुनाव में जाति, माटी और पार्टी का खूब खेल दिख रहा है. इस चुनाव में मुद्दे सारे गायब हो गये है. कोई गोमिया की खोई प्रतिष्ठा को बचाने की बात कह रहा है, कोई अपनी साख बचाने के लिये सबकुछ दांव पर लगा रखा है. हालांकि ये मुकाबला त्रिकोणीय होता दिख रहा है. भाजपा, जेएमएम और आजसू के प्रत्याशी की पकड़ अपने-अपने इलाको में है. ऐसे में जीत किसकी होगी यह अभी नहीं कहा जा सकता है.
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दो दर्जन से अधिक पंचायत उग्रवाद प्रभावित
गोमिया विधानसभा क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक उग्रवाद प्रभावित पंचायत है, जहां शांतिपूर्ण और स्वच्छ मतदान कराना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के लिये चुनौती से कम नही है. उग्रवाद प्रभावित इलाकों की भौगोलिक बनावट भी इस तरह है, आम वोटरों को वोट डालने के लिये कई किलोमीटर पैदल चलकर पहुंचना होगा. ऐसे में प्रशासन लोगों के शत प्रतिशत मतदान करानें की तैयारी करनी होगी. गोमिया विस के हुरलुंग, चारोचट्टी, बड़किचिदरी, बड़किसिधावरा, लोधी, कुर्कनालों, चुट्टे, पचमो, तिलैया, सियारी, ललपनिया, अययर, टिकाहारा, कुंदा, बारीडारी, कंडेर, महुआटाँड, धवईया, बड़कीपुनु पंचायत के बूथ अतिउग्रवाद प्रभावित क्षेत्र में आते है. इन इलाकों में प्रशासन की पूरी नज़र है. अति उग्रवाद प्रभावित इलाकों में चुनाव कराना पुलिस के लिये चुनौती से कम नहीं है.
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सुदूर इलाकों में वोटिंग की व्यवस्था चुनौती
सबसे अधिक दिक्कत झुमरा पहाड़ के तलहटी पर बसे सात पंचायतों के कई ऐसे गांव और टोलों का बूथ गांव से दूर बना दिया गया है, ऐसे में लोगों का आरोप लगता रहा है कि पिछले कई चुनावों में उनके मतदान केंद्र पहुंचने के पहले ही मतदान हो जाता था. इसलिये उग्रवाद प्रभावित इलाकों में सुरक्षा ही नहीं, लोग अधिक से अधिक मतदान करें. इस दिशा में भी प्रशासन को सोचने की जरूरत है. सीधावारा पंचायत के अंबाटाँड, रोला, मुरपा और नावाडीह के ग्रामीणों का मतदान केंद्र पूर्व में मुरपा स्कूल में था, अब पांच किलोमीटर दूर पंचायत मुख्यालय सीधावारा में चला गया है. जिससे 1013 मतदाताओं की परेशानी इन दिनों बढ़ गई है. बड़किचिदरी पंचायत का केंदुवाटोला, नावदंडा, खुपिया के ग्रामीणों को भी गांव से बाहर वोट डालने जाना होगा. चिदरी के एक बूथ को भी जरकुंडा गांव में कर दिया गया है. जो करीब दो किलोमीटर दूर में है.
गौरतलब है कि गोमिया में बीजेपी से माधवलाल, आजसू से लंबोदर महतो और जेएमएम से बबिता देवी मैदान में हैं. बबिता देवी जेएमएम के सजायाफ्ता पूर्व विधायक योगेन्द्र महतो की पत्नी हैं. विपक्ष के साथ-साथ अपने साथी आजसू से भी बीजेपी को यहां निबटना पड़ेगा. वही बीजेपी के लिए सीएम रघुवर दास का शनिवार से प्रचार अभियान शुरु हो रहा है. 28 मई को मतदान के बाद 31 मई को नतीजे आएंगे.
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