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गिरिडीह में 5 साल में गजराजों ने ली 12 लोगों की जान, दहशत में रहते हैं लोग

Vikas Mishra, Giridih

गिरिडीह जिले में गजराजों का कहर जारी है. गिरिडीह, पीरटांड़, गांडेय, डुमरी, बिरनी, धनवार, ताराटांड़ समेत अन्य कई प्रखण्डों में लोग हमेशा डर के साये में जीने को विवश हैं. लोगों में दहशत बना रहता है कि कहीं हाथी न आ जाये. पिछले 5 साल की यदि बात करें तो हाथियों ने 12 लोगों को मौत के घाट उतार दिया है, वहीं कई घरों, फसलों आदि को भी नुकसान पहुंचाते हुए कितनों को बेघर कर दिया है.

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सुरक्षा देने में वन विभाग असफल

हाथियों से ग्रामीणों को सुरक्षा देने में वन विभाग लाचार साबित हो रहा है. जब भी वन विभाग को हाथियों के आने की सूचना मिलती है, तब विभाग की टीम संबंधित क्षेत्र में पहुंचकर हाथियों को दूर खदेड़ कर अपना काम पूरा समझ लेती है, लेकिन कुछ दिन के अंतराल में पुनः हाथी वहां धमक कर कहर बरपाने लगते हैं. इस तरह से हाथियों को भगाने व उनके आने का क्रम जारी रहता है.

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विभाग के लोग समय पर पहुंचें तो कम हो सकता है नुकसान

हाथियों से प्रभावित गांव के लोगों का कहना है कि गांव में हाथी देखते ही विभाग को सूचना दिया जाता है, लेकिन विभाग के अधिकारियों पहुंचने में देर करते हैं. इसके कारण नुकसान बढ़ जाता है. लोग कहते हैं कि हाथियों को देखते ही वे लोग खुद भी उन्हें भगाने का प्रयास करते हैं, लेकिन रात के समय में जब हाथियों का झुंड गांव में प्रवेश कर जाता है तो वे लोग कुछ नहीं कर पाते. आपस मे मिलकर गांव में रात को पहरेदारी करते हैं और हाथियों को देखते ही सभी को सूचना देते हैं.

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आबादी के बढ़ने और जंगल के कम होने से घुस आते हैं हाथी

डीएफओ कुमार आशीष का कहना है कि हाथियों की प्रवृत्ति घूमने की है. वे हमेशा इधर-उधर घूमते रहते हैं, लेकिन जंगलों के घटने और आबादी के बढ़ जाने से हाथी गांव की तरफ आ जाते हैं. सूचना पर विभाग के द्वारा उन्हें खदेड़ा जाता है, लेकिन वो उसी गांव या दूसरे गांव से वापस आ ही जाते हैं. उन्होंने बताया कि हाथियों द्वारा पहुंचाए गये नुकसान पर प्रावधान के अनुसार मुआवजा दिया जाता है.

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इन तरीकों से बचें हाथियों के कहर से

हाथियों के आने पर मशाल जलाकर, दूर से ही टीन या ढोल पीटना चाहिए. कभी भी हाथी को भगाने के दौरान लाल या सफेद कपड़े नहीं पहनना चाहिए. लाल और सफेद वस्त्र से हाथी चिड़चिड़े हो जाते हैं. क्षेत्र में हाथियों के रहने पर देशी शराब न बनायें और न ही भंडारण करें, क्योंकि हाथी शराब की और आकर्षित होते हैं. हाथियों के आने पर इन सभी बातों का ध्यान रखना चाहिए.

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