
NewDelhi : भारतीय वायु सेना का अब तक का सबसे बड़ा युद्धाभ्यानस गगन शक्ति 2018 पाक और चीन सीमा पर किया गया. इससे पहले 1986-1987 में ऑपरेशन ब्रासस्टैक्स और 2001-2002 में ऑपरेशन पराक्रम नामक युद्धाभ्याचस किया गया था. लेकिन गगन शक्ति इन दोनों युद्धाभ्यासों के मुकाबले बड़ा है. गगन शक्ति के बारे में जानकारी दी गयी है कि वायुसेना के विमानों ने पाकिस्तान से लेकर चीन सीमा तक पिछले तीन दिनों में लगभग 5,000 उड़ानें भरी. युद्धाभ्यास में पहली बार महिला फाईटर पायलट हिस्सा ले रही हैं. बता दें कि भारत हवा में अपनी सैन्य क्षमता को लगातार मजबूत करने की कवायद में है. सेना गगन शक्ति के जरिये अपनी युद्धक क्षमताओं और तैयारियों का जायजा ले रही है. जान लें कि इस युद्धाभ्यास में शामिल सेना के 300 अफसर और 15,000 वायु सैनिक सीमा पर मौजूद हैं. इस युद्धाभ्यास में करीब 1100 विमानों व हेलीकॉप्टरों ने हिस्सा लिया है. इनमें तेजस, सुखोई 30, मिग, जगुआर, मिराज आदि शामिल है.
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चीन और पाकिस्तान की नजर वायुसेना के इस अभ्यास पर

इस अभ्यास का उद्देश्य पाकिस्तान और चीन से लगी सीमा पर अपनी ताकत दिखाना बताया गया है. चीन और पाकिस्तान की नजर वायुसेना के इस अभ्यास पर है. वायुसेना के एक अधिकारी ने एक बयान में कहा कि युद्ध जैसे कोई हालात नहीं हैं, लेकिन भारत अपनी आसमानी ताकत को सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता. यही वजह है कि पश्चिमी सीमा पर दमखम दिखाने के बाद अब वायुसेना के फाइटर जेट्स पूर्वी सीमाओं पर भेजे जा रहे हैं. एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अभ्यास के तहत सुखोई 30 लड़ाकू विमानों के एक बेड़े ने पूर्वी तट के एक वायुसेना अड्डे से उड़ान भरी और 2,500 किमी की दूरी पार कर पश्चिमी तट पर कई लक्ष्यों पर हमले किये.
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हमले के बाद वायुसेना का बेड़ा सकुशल उतरा
हमले के बाद यह बेड़ा दक्षिण वायुसेना अड्डे पर सकुशल उतरा. बेड़े ने 4,000 किमी की दूरी एक मिशन में ही तय की. वायुसेना ने बताया कि यह आईएल-78 फ्लाइट रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट की सहायता से संभव हो पाया. वायु सेना के अधिकारी के अनुसार पाकिस्तान और चीन सीमा पर संभावित खतरे से निपटने के लिए कम से कम 42 फाइटर स्क्वाड्रोन्स की जरूरत है, लेकिन अभी खेमे में केवल 31 होने के बाद भी वायु सेना इस एक्सरसाइज की मदद से खुद को तैयार कर रही है. बता दें कि जैसलमेर में वायुसेना के विमानों ने विभिन्न ठिकानों को निशाना बनाकर युद्धाभ्यास किया.
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