
Giridih : खूंटी में आदिवासी महिला नाट्य कलाकारों के साथ हुए दुष्कर्म के खिलाफ रविवार को गिरिडीह में मौन प्रतिरोध मार्च निकाला गया. राष्ट्रीय नाट्य परिषद और आईना के तत्वावधान में निकले इस प्रतिरोध मार्च में शहर के कई रंगकर्मी, बुद्धिजीवी और जनप्रतिनिधि शामिल हुए.
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दुष्कर्मियों को फांसी देने और रंगकर्मियों की सुरक्षा की मांग
प्रतिरोध मार्च में शामिल लोग दुष्कर्मियों को फांसी की सजा देने, पीड़िताओं को न्याय दिलाने, रंगकर्मियों को सुरक्षा देने जैसे नारे लिखे पोस्टर लेकर चल रहे थे. प्रतिरोध मार्च झंडा मैदान से निकलकर अंबेडकर चौक, जेपी चौक, कालीबाड़ी चौक होते हुए वापस झंडा मैदान पहुंचा.
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शहर के रंगकर्मी और बुद्धिजीवी हुए शामिल

इस मौन प्रतिरोध मार्च में वरिष्ठ रंगकर्मी बद्री दास, रितेश सराक (जलेस), मंजु देवी, साहिल कुमार, सोमनाथ केसर, आकाश, पुरुषोत्तम, आदित्य, सतीश, संतोष, पारस, सागर, प्रगति, ऋचा सिंह, अदिति, आनंद, सत्यम, विवेक, चंद्रशेखर, दयाशंकर मिश्र (सीपीआई), कृष्णमुरारी शर्मा (आप), अविनाश केसरी (एनटीसी) के अलावा शहर के तमाम नये और पुराने रंगकर्मी, साहित्यकार और बुद्धिजीवी शामिल थे। प्रतिरोध मार्च का नेतृत्व एनटीसी के निदेशक महेश अमन कर रहे थे।

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