
डॉक्टरों ने गांव के और भी बच्चों के पीड़ित होने की जतायी आशंका
Ranchi : खूंटी के तोरपा प्रखंड के कोचा गुटूहातु गांव के दो परिवारों के ग्यारह बच्चों को मोतियाबिंद से पीड़ित पाया है. खूंटी के दयानंद नेत्रालय एसजीबीएस हॉस्पीटल एंड रिसर्च सेंटर के एक्टीवीटी के तहत आउटरिच कार्यक्रम चलाया जाता है, जिसके तहत पारा नर्सिंग स्टाफ भ्रमण करती हैं. इसी क्रम में कोचा गांव में ऑपथलमिक पारा नर्सिंग सरिता मुंडरी गांव में गईं और बच्चों को मोतियाबिंद से पीड़ित पाया. डॉ दीपक इनका मंगलवार को ऑपरेशन करेंगे. डॉक्टरों का कहना है कि और भी बच्चे मोतियाबिंद से पीड़ित हैं पर वे जांच कराने के बजाए डॉक्टरों को देखकर भाग गए. साईट सेवर अंतराष्ट्रीय संस्था के सपोर्ट से चलने वाले इस अस्पताल में प्रतिदिन 10 ऑपरेशन किया जाता है.
ये बच्चे हैं पीड़ित
राउडी गुरिया 14 वर्ष, भाउवा गुड़िया 14 वर्ष, सनिका गुड़िया 12 वर्ष, एतवा गुड़िया 10 वर्ष, बिछा गुड़िया और दयामनी गुड़िया, अग्नि गुड़िया 6 वर्ष, सुखराम गुड़िया 10 वर्ष. ये सभी बच्चे एक ही गांव के दो परिवारों से हैं. जांच के लिए कई अन्य बच्चे भी आए थे पर आधे से अधिक भाग गए. डॉक्टरों का कहना है कि अन्य बच्चे भी पीड़ित होंगे.
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डाईट को बताया वजह
डॉक्टरों के अनुसार बच्चों में मोतियाबिंद के लक्षण पाए जाने का प्रमुख वजह उनको संतुलित आहार नहीं मिल पाना है. बच्चों को खाने में मिलने वाले आहार में प्रचुर मात्रा में प्रोटिन का नहीं होना है.
जनसंवाद में भी किया गया है कंप्लेन
डॉक्टरों ने इससे संबंधित मामले में जनसंवाद में भी कंप्लेन किया है. साथ ही उनके परिवारों को मदद भी देने की मांग की गई है. जनसंवाद के कंप्लेन में ये भी कहा गया है कि जब मिड डे मिल और कई तरह के न्यूट्रीशनल प्लान चल रहे हैं तो ऐसा मामला आना जांच का विषय है.
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