नई दिल्ली : लोकसभा में बुधवार को सरकार एक बार फिर घिरती दिखाई दी। कांग्रेस नेतृत्व में विपक्षी पार्टियों ने क्रिसमस के दिन स्कूलों को खुला रखने के सरकार के कथित आदेश के मुद्दे को एक बार फिर उठाया। इस मुद्दे पर विपक्षी पार्टियों ने सदन से बहिर्गमन किया। वहीं, कांग्रेस ने सदन को गुमराह करने के लिए केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू तथा मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव लाने की भी चेतावनी दी।
शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाते हुए कांग्रेस के के.सी.वेणुगोपाल ने कहा कि उन्होंने दो दिन पहले भी इस मुद्दे को उठाया था, लेकिन सरकार की प्रतिक्रिया गुमराह करने वाली थी।
उन्होंने कहा, “केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री एम.वेंकैया नायडू ने सदन में कहा था कि कोई सर्कुलर जारी नहीं किया गया है।”
वेणुगोपाल ने कहा कि देश को गुमराह करने के लिए नायडू माफी मांगें।
उन्होंने कहा, “स्कूलों को वीडियो भेजने के लिए कहा गया था, ताकि पता चल सके कि सुशासन दिवस मनाया गया या नहीं। भला बिना स्कूल खोले वीडियो भेजना कैसे संभव हो सकता है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय संघ परिवार के एजेंडे पर काम कर रहा है।
वेणुगोपाल की टिप्पणी के जवाब में नायडू ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का एजेंडा एक ‘परिवार’ के मुताबिक तय होता था।
उन्होंने कहा, “लोगों को इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह एक संवेदनशील मुद्दा है। देश को गुमराह मत कीजिए।”
उन्होंने कहा, “क्रिसमस के प्रति कोई निरादर नहीं है। देश में अनावश्यक तनाव पैदा करने का प्रयास न करें।”
इसके बाद, कांग्रेस सहित विपक्षी पार्टियों ने सदन का बहिर्गमन किया।
संसद के बाहर मीडियाकर्मियों से कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने सीबीएसई तथा नवोदय विद्यालयों को तीन सर्कुलर जारी किए थे, जो सरकार के उस दावे के बिल्कुल उलट है जिसमें उसने कहा है कि 25 दिसंबर को सुशासन दिवस मनाने के लिए उसने नवोदय विद्यालयों को कोई सर्कुलर जारी नहीं किया।
उन्होंने कहा कि यदि मंत्री को संसद को गुमराह करने का दोषी पाया गया, तो उनकी पार्टी उनके खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव सहित सभी विकल्पों पर विचार करेगी।
उन्होंने कहा, “सरकार ने संसद में तथा संसद के बाहर कई बार कहा है कि कोई सर्कुलर जारी नहीं किया गया। आज हमें ऐसे तीन सर्कुलर की जानकारी मिली है।”
उन्होंने सरकार को इस मुद्दे पर स्पष्ट होने तथा स्पष्टीकरण जारी करने के लिए कहा।
उन्होंने कहा, “हमने संसदीय कार्य मंत्री तथा मानव संसाधन विकास मंत्री से कहा है कि वे इस बात का स्पष्टीकरण दें कि सर्कुलर जारी किया गया है या नहीं, क्योंकि दोनों मंत्रियों ने सदन से कहा है कि इस तरह का कोई सर्कुलर जारी नहीं किया गया।”
सिंधिया ने कहा, “यदि यह पाया गया कि मंत्रियों ने गलतबयानी है या सदन को गुमराह करने का प्रयास किया है, तो उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। सरकार इस मुद्दे पर संसद को गुमराह करने का प्रयास कर रही है। यही कारण है कि हम सदन से बहिर्गमन कर रहे हैं।”
यह पूछे जाने पर कि क्या कांग्रेस मंत्रियों के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव लाएगी, संधिया ने कहा, “हमारे पास सभी विकल्प हैं और हम उसका इस्तेमाल करेंगे।”
उल्लेखनीय है कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने नवोदय विद्यालय, सीबीएसई स्कूल तथा एआईसीटीई को 25 दिसंबर को सुशासन दिवस के रूप में मनाने के लिए अलग-अलग सर्कुलर जारी किया था।
हालांकि मंत्री ने स्पष्ट किया था कि सभी भागीदारियां स्वैच्छिक होंगी और संस्थानों को क्रिसमस के दिन स्कूल खुला रखने की जरूरत नहीं है। आईएएनएस




