News Wing Ranchi, 23 November: वाइल्डलाईफ कॉरिडोर के खिलाफ केंद्रीय जन संघर्ष समिति पांच प्रखंडों में एक सभा किया. गारू, डुमरी, रायडीह, बिशुनपुर और गुमला प्रखंड में सभा और धरना का आयोजन आयोजन किया गया. रायडीह की सभा को संबोधित करते हुए सोशल एक्टिविस्ट दयामनी बारला ने कहा कि आदिवासी की जल, जंगल और जमीन पर पूंजीपतियों की नजर है. वाइल्डलाइफ कॉरिडोर के बहाने गांव की जमीन पर को हथियाने की कोशिश हो रही है. इस जमीन को खाली करा कर खनन के लिए सरकार कंपनियों को सौंपेगी. हमें सचेत रहना होगा और सरकार के इरादे को पूरा नहीं होने देना होगा. सतीश लकड़ा, अनुप लकड़ा और चुनमुन भगत ने भी सभा को संबोधित किया.
किसी कीमत पर नहीं छोड़ेंगे अपनी जमीनः जेरोम जोराल्ड कुजूर
गुमला की सभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय जन संघर्ष समिति के केंद्रीय महासचिव जेरोम जेराल्ड कुजूर ने कहा कि हजारों साल से आदिवासी समाज अपने गांव, जंगल और जमीन को बचाने के लिए लड़ता रहा है. देश की आजादी के बाद भी आज अपने गांव बचाने के लिए लोग संघर्ष कर रहे हैं. हम किसी भी कीमत पर अपनी गांव नहीं छोड़ेंगे. न ही सरकार को इस परियोजना के लिए जमीन देंगे. पूर्व एमएलए भूषण तिर्की, विश्वनाथ भगत और बसंत गोप ने भी सभा को संबोधित किया.
आदिवासियों को जमीन से बेदखल करना चाहती है भाजपाः बंधु तिर्की
पूर्व मंत्री बंधु तिर्की ने गारू प्रखंड की सभा को संबोधित करते हुए कि संघ और भाजपा की सरकार आदिवासियों को झारखंड से बेदखल करना चाहती है. सरकार आदिवासियों को नष्ट करके सारी जमीन पूंजीपतियों को सौंपना चाहती है. झारखंड के जनमानस को अपना अस्तित्व बचाने के लिए प्रतिरोध करना होगा और इस सरकार को उखाड़ फेंकना होगा. सभा को सुनील मिंज अशोक भगत ने भी संबोधित.
सरना और ईसाइयों को लड़ाना चाहती है सरकारः हेनरी तिर्की
बिशुनपुर प्रखंड के सभा को हेनरी तिर्की, अल्फस बेक, अनिल असूर, जनार्दन भगत ने संबोधित किया. हेनरी तिर्की ने कहा कि सरकार धर्म स्वतंत्र विधेयक लाकर आदिवासियों में फूट डालना चाहती है. सरना और ईसाइयों को आपस में लड़ाना चाहती है. हम अपनी एकजुटता के साथ सरकार का प्रतिरोध करेंगे.
पदाधिकारियों को सौंपा गया ज्ञापन
सभी प्रखंड में सभा के बाद संबंधित पदाधिकारियों को मांग पत्र सौंपा गया. ज्ञापन के माध्यम से वाइल्डलाइफ कोरिडोर को रद्द करने, नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज रद्द करने, भूमि अधिग्रहण कानून 2017 रद्द करने की मांग की गयी. इसके अलावा लैंड बैंक के नाम पर गांव की जमीन चिन्हित करने का विरोध किया गया और सरना धर्म कोड लागू करने की मांग की गयी.
क्या है मामला
हाथी सुरक्षा के नाम पर सिरसी-पालकोट-सारंडा वाइल्डलाइफ कॉरिडोर का निर्माण के लिए प्रलामू प्रमंडल के लातेहार सहित गुमला, खूंटी, सिमडेगा और पश्चिम सिंहभूम जिले के 214 गांवों को चिन्हित किया गया है. उसके लिए 1,87,233 एकड़ जमीन को अधिग्रहित करने का सरकार का इरादा है. पहले चरण के निर्माण के लिए चिन्हित गांव को खाली कराने की प्रक्रिया के तहत गांवों को नोटिस देने की प्रक्रिया वन विभाग ने शुरू कर दिया है.
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