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क्या रूस में हुई थी नेताजी की मौत?

कोलकाता | ब्रिटेन द्वारा नेताजी सुभाष चंद्र बोस के निधन की जांच कराए जाने से यह तथ्य सामने आया था कि वह रूस में पनाह लेने की कोशिश कर रहे थे। यह खुलासा एक नई किताब से सामने आया है। पत्रकार अनुज धर ने अपनी किताब में नेताजी के निधन के सम्बंध में चौंका देने वाला खुलासा किया है। उनके मुताबिक ब्रिटेन द्वारा कराए गए जांच से जुड़े अप्रैल 1946 के एक रपट से यह जानकारी सामने आई थी कि वह रूस में पनाह लेने की कोशिश कर रहे थे और उनके लोग यह सूचना छिपा रहे थे जबकि रूसी कूटनीतिज्ञ रूस में उनके होने की बात कह रहे थे।

धर ने अपनी किताब में यह दावा किया है कि रूस में नेताजी के होने की कई खबर आने के बावजूद भारत सरकार ने कभी भी सोवियत से इस बारे में पूछताछ नहीं की।

ऐसा कहा जाता है कि 18 अगस्त 1945 को सिंगापुर से टोक्यो और सम्भवत: रूस जाने के क्रम में ताइवान में जापानी विमान के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से उनका निधन हो गया था और उनकी राख जापान के रेनकोजी मंदिर में रखी गई है। लेकिन उनके निधन के तथ्यों पर विवाद बरकरार है।

किताब के मुताबिक 1955 में शवदाहगृह और अस्पताल के ब्यौरे जांचने के बाद भारत सरकार ने विमान दुर्घटना में उनके निधन के तथ्य को अस्वीकार दिया था।

नेताजी के मौत के रहस्य को जानने के लिए अब तक कई आयोग बनाए जा चुके हैं जिसमें शाह नवाज समिति और मुखर्जी आयोग प्रमुख हैं ।

मुखर्जी आयोग में विमान दुर्घटना के तथ्य को अस्वीकार दिया गया था।

किताब के अनुसार मुखर्जी आयोग द्वारा इस तथ्य को अस्वीकारे जाने की वजह 1945 में जापान के शवदाहगृह और अस्पताल का ब्यौरा था जिसमें इसकी पुष्टि नहीं की गई थी कि यहां हवाई दुर्घटना के बाद नेताजी या किसी अन्य का अंतिम संस्कार किया गया था।

1994 में गृह मंत्रालय ने विदेश मंत्रालय से जापानी ब्यौरे को मांगा गया था जिसमें नेताजी के निधन का दावा किया गया था। मंत्रालय ने गुप्त तरीके इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि इसमें साक्ष्य नहीं है।

अमेरिका के डीएनए विशेषज्ञ टेरी मेलटन 2001 में रेनकोजी की जांच के लिए तैयार हो गए थे लेकिन सरकार के शांत पड़ जाने पर ऐसा नहीं हो पाया।

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