
Patna : मानसा में सम्पन्न भाकपा-माले की 10 वीं पार्टी कांग्रेस सफलतापूर्वक संपन्न हो गई, जिसमें पार्टी ने एक बार फिर कॉमरेड दीपंकर भट्टाचार्य पर भरोसा जताया है और उन्हें सर्वसम्मति से पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव चुन लिया गया. बिहार से केंद्रीय कमिटी के 17 सदस्य निर्वाचित हुए हैं, जिनमें 9 पहली बार चुने गए हैं. बिहार से निर्वाचित सदस्यों में कॉमरेड कुणाल, धीरेंद्र झा, अमर, राजाराम सिंह, मीना तिवारी, सरोज चौबे, शशि यादव, महबूब आलम तथा नये सदस्यों में कॉमरेड मनोज मंजिल, राजू यादव, जवाहरलाल सिंह, अरुण सिंह, गोपाल रविदास, अभ्युदय, संतोष सहर, नईमुद्दीन अंसारी और वीरेंद्र प्रसाद गुप्ता शामिल हैं.
इसे भी पढ़ें- 2 अप्रैल को है भारत बंद, जरुरी हो तब ही निकलें घरों से, नहीं तो झेलनी पड़ सकती है परेशानी
2 अप्रैल की दलित स्ट्राइक का पुरजोर समर्थन
भाकपा माले ने पश्चिमी बंगाल, बिहार और दूसरे स्थानों पर हुई सांप्रदायिक व हिंसक घटनाओं की कड़ी निंदा की. देश भर में आरएसएस द्वारा राम नवमी के त्यौहार के मौके को अल्पसंख्यकों के खिलाफ नफरत और हिंसा फ़ैलाने की साजिश के लिए इस्तेमाल किये जाने की कड़ी निंदा की गई. भाकपा माले ने मोदी सरकार द्वारा एस सी/एस टी एक्ट को कमजोर करने के लिए लाए जा रहे संशोधनों को दलित विरोधी बताया और इसके प्रतिवाद में दलित संगठनों द्वारा आयोजित 2 अप्रैल की देश व्यापी हड़ताल का समर्थन किया.
सांप्रदायिक घटनाओं की आलोचना
भाकपा माले ने आरोप लगाया है कि पश्चिमी बंगाल और देश के कई अन्य राज्यों में राम नवमी के जुलूस में आरएसएस के उपद्रवियों ने घुस कर उनकी आड़ में एक अल्पसंख्यक मजदूर की हत्या, मौलाना आजाद की प्रतिमाओं को तोडा. पार्टी ने इसे अल्पसंख्यकों को आतंकित करने एवं हिन्दू बहुलता को भ्रमित करने की साजिश करार देते हुए जनता से इसका कड़ा विरोध करने की अपील की है.




