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किताब पढ़े बिना झारखंड के 5.56 लाख विद्यार्थी देंगे आठवीं बोर्ड की परीक्षा

Ranchi : राज्य में पहली बार आठवीं बोर्ड की परीक्षा आयोजित की जा रही है. इसमें राज्य के करीब 5 लाख 56 हजार छात्र शिरकत करेंगे. ये सभी विद्यार्थी बिना कुछ पढ़ाई किए ही परीक्षा देंगे. ये सारे गैर सरकारी और स्थापना अनुमति प्राप्त स्कूलों से हैं. सरकार साल बीत जाने के बाद भी इन छात्रों को किताब मुहैया नहीं करा पायी. एनसीईआरटी की किताबें बाजार में भी नहीं मिलती, इसी वजह से किताब बच्चों को मिल ही नहीं पायी और अब परीक्षा होने को है. किताबें सिर्फ सरकारी स्कूलों में ही उपलब्ध करायी गयी है, वो भी हर जिलों के लगभग 30 प्रतिशत सरकारी स्कूलों में भी किताब नहीं बांटी जा सकी. किताबें नहीं मिलने से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हुई है. अब स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है. गैर सरकारी स्कूल संचालक इसका पूरा विरोध कर रहे हैं. उन्होंने परीक्षा का बहिष्कार करने की बात कही है.

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क्या है मामला

झारखंड में पहली बार आठवीं बोर्ड की परीक्षा आयोजित की जायेगी. स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की ओर से बोर्ड की परीक्षा आयोजित की जायेगी. इस परीक्षा में राज्य के सभी सरकारी गैर सरकारी और स्थापना अनुमति प्राप्त स्कूलों के बच्चे भाग लेंगे. सरकार से गैर सरकारी स्कूल संचालन संघ ने आठवीं में बोर्ड परीक्षा लेने की घोषणा के साथ ही विभाग से किताबें उपलब्ध कराने की मांग की थी. विद्यार्थी बिना किताब के ही पढ़ाई करने को मजबूर हैं. सरकार के द्वारा ही स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबें उपलब्ध करायी जानी थी.

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आठवीं बोर्ड की वजह से जैक बोर्ड से दूर भाग रहे विद्यार्थी

स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की ओर से आयोजित होने वाले आठवीं बोर्ड की परीक्षा की वजह से यहां के छात्र जैक बोर्ड से दूर होकर सीबीएसई की ओर रुख कर रहे हैं. अभिभावक बोल रहे हैं कि स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता की लापरवाही की वजह से लोग हमारे स्कूलों से राज्य के सीबीएसई मान्यता प्राप्त स्कूलों की ओर जा रहे हैं. 10वीं बोर्ड परीक्षा को लेकर भी छात्र जैक बोर्ड से दूरी बना रहे हैं. उल्लेखनीय है कि पिछले पांच सालों में निरंतर रिजल्ट में गिरावट दर्ज की गयी है. वहीं दूसरी ओर सीबीएसई के मार्किंग पैटर्न से छात्रों में अधिक नंबर मिलने की उम्मीद है.

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1300 स्कूलों में होती है 8वीं की पढ़ाई

आठवीं बोर्ड की परीक्षा में राज्य के कुल 5.56 लाख विद्यार्थी भाग लेंगे. अगर परीक्षा के फैक्ट फाइल पर गौर किया जाए तो राज्य में स्थापना अनुमति प्राप्त स्कूलों की संख्या 540 है. 1300 स्कूलों में आठवीं की पढ़ाई करायी जाती है. सीबीएसई से मान्यता प्राप्त स्कूलों की संख्या 400 के करीब है.

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अभिभावक संघ किताब मुहैया कराने की करता रहा है मांग 

अभिभावक संघ पूरे साल शिक्षा विभाग के साथ–साथ डीईओ और डीएसओ से हर स्तर पर किताब उपलब्ध कराने की मांग कर रहा है. पर इतने दिनों में सभी से सिर्फ आश्वासन ही मिला. एनसीईआरटी की किताबों से ही पढ़ाई करायी जानी थी. एनसीईआरटी की किताबों की कमी की वजह से किताबें बाजार में भी उपलब्ध नहीं थी.

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