
Shrinagar: जम्मू-कश्मीर के मसले पर एक बयान देकर कांग्रेस नेचा सैफुद्दीन सोज विवादों में घिर गये हैं. दरअसल, सोज ने कहा कि कश्मीर के लोगों के लिए प्राथमिकता आजादी पाना है. उन्होंने कहा कि वर्तमान में इसे आजादी इससे जुडे देशों के कारण संभव नहीं है. एक न्यूज चैनल से बातचीत में उन्होंने बार-बार इस बात पर जोर दिया कि कश्मीर में अगर शांति स्थापित करनी है तो हर किसी से बात करनी होगी. उन्होंने अलगाववादी नेताओं से भी बात करने की बात कही.
Shrinagar: जम्मू-कश्मीर के मसले पर एक बयान देकर कांग्रेस नेचा सैफुद्दीन सोज विवादों में घिर गये हैं. दरअसल, सोज ने कहा कि कश्मीर के लोगों के लिए प्राथमिकता आजादी पाना है. उन्होंने कहा कि वर्तमान में इसे आजादी इससे जुडे देशों के कारण संभव नहीं है. एक न्यूज चैनल से बातचीत में उन्होंने बार-बार इस बात पर जोर दिया कि कश्मीर में अगर शांति स्थापित करनी है तो हर किसी से बात करनी होगी. उन्होंने अलगाववादी नेताओं से भी बात करने की बात कही. हालांकि, उन्होंने कहा कि ये उनका निजी बयान है और इस बयान का उनकी पार्टी कांग्रेस से कोई लेना-देना नहीं है.
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अपने बयान में सैफुद्दीन सोज ने कहा कि वह निजी रूप से यह कहना चाहते हैं कि कश्मीर के लोगों की पहली प्राथमिकता आजादी है. कश्मीर के लोग ना भारत के साथ रहना चाहते है और ना ही यह चाहता है कि पाकिस्तान के साथ इसका विलय कराया जाए. उन्होंने कहा कि कश्मीर के लोगों के लिए शांतिपूर्ण माहौल की स्थापना जरूरी है, जिससे कि यहां के लोग शांति से रह सकें. इसके लिए कांग्रेस नेता ने सभी पक्षों से बात करने की बात का भी समर्थन किया.
सुब्रमण्यम स्वामी ने साधा निशाना

कांग्रेस नेता गुलामनबी आजाद के बयान पर पहले से ही बवाल जारी है. बीजेपी ने आजाद के उस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि जम्मू-कश्मीर में केंद्र सरकार की ‘बाहुबल‘ वाली नीति आम लोगों के खिलाफ काम कर रही है क्योंकि 4 आतंकियों को मारने के चक्कर में 20 नागरिक मारे जा रहे हैं. वही अब कांग्रेस नेता के इस बयान का विरोध भी शुरू हो गया है. बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने सोज के बयान पर विरोध जताते हुए निशाना साधा है. सुब्रमण्यन स्वामी ने कहा, ‘जब सोज केंद्र में मंत्री थे और JKLF ने सोज की बेटी का अपहरण किया था तब उन्हें केंद्र से मदद मिली थी. ऐसे लोगों की मदद करने का कोई फायदा नहीं होता. जो भी भारत में रहना चाहता है उसे यहां के संविधान मानते हुए यहां रहना होगा. अगर कोई परवेज मुशर्रफ को पसंद करता है तो उनका एक तरफ का टिकट (पाकिस्तान जाने का) कटवा दिया जाए.’
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बता दें कि सैफुद्दीन सोज केंद्र में यूपीए की सरकार के दौरान मंत्री रह चुके हैं और वह जम्मू-कश्मीर में पार्टी के एक बड़े नेता के रूप में जाने जाते हैं.
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