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एम्स की तर्ज पर जूनियर रेजिडेंट-एकेडेमिक प्रोफेसर को मिलेगी स्टाइपेंड, पर नर्सों को नहीं देंगे वेतनमान

Ranchi : गुरुवार को रिम्स परिसर में रिम्स के 44वीं शासी परिषद की बैठक आयोजित की गयी. बैठक में रिम्स के विकास को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गये. बैठक के बाद हुए प्रेस ब्रीफिंग में स्वास्थ्य सचिव सुधीर त्रिपाठी ने बताय कि अब रिम्स के जूनियर रेजिडेंट और एकेडेमिक प्रोफेसर को एम्स की तर्ज पर स्टाइपेंड दी जाएगी. साथ ही रिम्स के कई अन्य आयामों को भी एम्स की तर्ज पर विकसित किया जाएगा. लेकिन सालों से नर्सो द्वारा किये जा रहे एम्स की तर्ज पर वेतनमान की मांग को टाल दिया गया. बैठक में कई अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया. बैठक में स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य सुधीर त्रिपाठी, रिम्स चिकित्सा अधीक्षक एसके चौधरी समेत अन्य लोग मौजूद थे.

शासी परिषद की बैठक में लिये गये फैसले

शासी परिषद की बैठक मे यह निर्णय लिया गया है कि रात में एमरजेंसी में आने वाले मरिजों से पर्ची शुल्क नहीं लिया जाएगा. रिम्स स्थित स्टेडियम को 25 हजार रूपया प्रतिदिन के हिसाब से किराये पर देने का निर्णय लिया गया. लंबित पड़े भवन निर्माण कार्य को जल्द पूरा किया जाएगा. वहीं पैथलोजी विभाग में 12 वर्ष से ट्यूटर के पद पर कार्यरत डॉक्टरों की स्थायी नियुक्ति पर डीएसीपी के अनुसार पोस्ट क्लियर के लिए सरकार को भेजा गया है.

 इसे भी पढ़ें: समस्या लेकर पहुंचे जूनियर डॉक्टर को स्वास्थ्य मंत्री ने दिया धक्का (देखें वीडियो) 

नियुक्ति नियमावली का नहीं हुआ गठन: स्वास्थ्य सचिव

बैठक के दौरान स्वास्थ्य सचिव सुधीर त्रिपाठी ने कहा कि नियुक्ति नियमावली का गठन नहीं हुआ है. अभी निर्णय यह हुआ है कि कुछ चीजें एम्स की तर्ज पर होनी है. एम्स  से पता कर लिया जाएगा कि वहां वर्ग तीन की नियमावली क्या है. नर्सों और पारामेडिकल को उसी के समरूप नियुक्ति नियमावली बनाकर आगे की प्रकिया पूरी की जाएगी. उन्होंने कहा कि तत्कालिक आवश्यकता को देखते हुए आउटसोर्सिंग पर 225 नर्सों की नियुक्ति के लिए सबऑर्डिनेशन  कमेटी को भेजा गया है.

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