
NewDelhi: देश में एक देश एक चुनाव को लेकर चुनाव आयोग और विधि आयोग सक्रिय हो गए हैं. और इसी मुद्दे पर दोनों आयोग की अहम बैठक 16 मई को होने जा रही है. इस बैठक में देश में एक ही चुनाव कराने के फैसले से जुड़े संवैधानिक, सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक पहलुओं की चर्चा की जाएगी. गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले कानून आयोग लोकसभा और राज्य के विधानसभा चुनाव एक साथ कराने संबंधी अपने प्रस्ताव के लिए जनता से राय मांगी थी. कानून आयोग ने एक साथ चुनाव कराने के लिए सभी सदस्यों की मीटिंग की थी. विधि आयोग ने इस संबंध में एक प्रश्नावली जारी की थी, जिसके जरिए आयोग की ओर से आम जनता, संस्थान, एनजीओ और नागरिक संगठनों के साथ सभी स्टेकहोल्डरों से इस संबंध में सुझाव मांगे गए थे.
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जुलाई के अंत तक आ सकती है रिपोर्ट
उम्मीद जताई जा रही है कि जुलाई के अंत तक देश में एक साथ चुनाव कराने के उपाय और एहतियाती कानूनी और संविधान संशोधन पर विधि आयोग की रिपोर्ट आ सकती है. इसी रिपोर्ट की तैयारी के सिलसिले में ही दोनों आयोगों की बैठक हो रही है. विधि आयोग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि आयोग 16 मई को होने वाली बैठक में चुनाव से जुड़ी तकनीकी और व्यवहारिक बातों की जानकारी लेगा. आयोग का मानना है कि इसे अमलीजामा पहनाने के लिए जनप्रतिनिधित्व कानून में संशोधन करने पर विचार होगा. साथ ही ‘एक साथ चुनाव‘ की परिभाषा भी तय करनी होगी.
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इसके साथ ही, स्थायी सरकार के लिए एक और व्यवस्था की जा सकती है कि लोकसभा या विधानसभा के स्पीकर की तरह सदन में सबसे बड़ी पार्टी के नुमाइंदे को प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री चुना जाये जिससे ऐसी स्थिति में होनी वाली रणनीतिक क्लेश पर विराम लगाया जा सके.
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