
Ranchi: नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही सरकार ने झारखंड के लोगोंं को झटका देने की तैयारी कर ली है. सोमवार को हुई नियामक आयोग की बैठक में बिजली वितरण निगम ने जो प्रस्ताव दिया है, उसमें बिजली दरोंं को दुगुनी करने की बात कही गयी है. प्रस्ताव में कहा गया है कि एक अप्रैल 2018 से बिजली दरों में बढ़ोतरी की जायेगी. शहरी क्षेत्र में घरेलू उपभोक्ताओं ंको अभी प्रति यूनिट 3.00 रुपये देने पड़ते हैं, जिसे बढ़ा कर प्रति यूनिट 7.00 रुपये किया जायेगा. इसी तरह ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को अभी प्रति यूनिट 1.25 रुपये की दर से बिजली दी जाती है, इसे बढ़ा कर 6.25 रुपये करने का प्रस्ताव है.
सरकार ने 766.34 करोड़ का रिसोर्स गैप देने से इंकार कर दिया है
उर्जा आयोग के राज्य सलाहकार समिति की बैठक के बाद आयोग के अध्यक्ष डॉ अरविंद प्रसाद ने बताया कि राज्य सरकार अब रिसोर्स गैप की राशि (करीब 766.34 करोड़) निगम को नहीं देगी. इसलिए बिजली की दरें काफी महंगी होंगी. रिसोर्स गैप के रुप में पहले सरकार बिजली वितरण निगम को बड़ी राशि देती थी. इस कारण लोगोंं को सस्ती बिजली मिलती थी. पिछले साल सरकार ने रिसोर्स गैप की राशि नहीं देने का फैसला लिया है. इस कारण निगम के पास बिजली दरों को बढ़ाने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचता है.
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शहर में दोगुणा से अधिक और गांव में पांच गुणा वृद्धि
बिजली वितरण निगम ने बिजली दरों की बढ़ोतरी के जो प्रस्ताव दिया है. अगर वह लागू हो जाता है तो राज्य के ग्रामीण इलाकों का बिजली दर वर्तमान दर से पांच गुणा हो जायेगा, जबकि शहरी क्षेत्र में दोगुणा से अधिका. ग्रामीण इलाकों में अभी बिजली का दर प्रति यूनिट 1.25 रुपये और शहरी क्षेत्र में 3.00 रुपया है. इसे क्रमशः 6.25 रुपये और 7.00 रुपये करना का प्रस्ताव दिया गया है.




