नई दिल्ली: केंद्रीय उपभोक्ता, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री राम विलास पासवान ने रविवार को यहां कहा कि आरक्षण एक संवैधानिक अधिकार है और कोई भी इसे समाप्त नहीं कर सकता। पासवान ने एक बयान में कहा, “डॉ. अंबेडकर और महात्मा गांधी के बीच हुए ‘पूना समझौते’ के अनुसार आरक्षण प्रदान किया गया। यह कोई दान नहीं है, जिसे किसी के चाहने से स्वीकारा या खत्म किया जा सकता है। किसी की व्यक्तिगत टिप्पणी से चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है।”
उन्होंने कहा, “जब तक जाति आधारित प्रणाली बची रहेगी, आरक्षण तब तक प्रभावी बना रहेगा।”
पासवान की यह प्रतिक्रिया राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के प्रवक्ता मनमोहन वैद्य के आरक्षण के खिलाफ टिप्पणी के एक दिन बाद आई है।
पासवान ने आरक्षण व्यवस्था में हस्तक्षेप के प्रयासों पर विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी।




